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करेंसी पर छपा है 1,00,00,000 लेकिन औकात ₹1000 से भी कम! इस देश ने क्यों पेश किया 1 करोड़ का नोट?

Published: Sun, 22 Mar 2026 10:00 AM (IST)

ईरान ने 10 मिलियन रियाल का अब तक का सबसे बड़ा नोट जारी किया है, जिसकी कीमत भारतीय रुपये में ...और पढ़ें

ईरान ने पेश किया 1 करोड़ का नोट

ईरान ने पेश किया 1 करोड़ का नोट

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समय कम है?

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संक्षेप में पढ़ें

नई दिल्ली। ईरान ने 10 मिलियन (1 करोड़) रियाल का एक नोट जारी किया है, जो देश में अब तक जारी किया गया सबसे अधिक वैल्यू वाला नोट है। इतनी अधिक वैल्यू होने के बावजूद, इस नोट (Iran 10 Million Note) की कीमत भारतीय करेंसी के 650 रुपये के बराबर है, जो कि लगभग $7 बनते हैं। ये ईरान की करेंसी में आई भारी गिरावट को दिखाता है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान बढ़ती महंगाई, कमजोर होते रियाल और अमेरिका-इजराइल के साथ चल रहे संघर्ष के कारण आर्थिक दबाव से जूझ रहा है।

ज्यादा कैश की जरूरत

ईरान में जैसे-जैसे कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, रोजमर्रा के लेन-देन के लिए अधिक से अधिक कैश की जरूरत पड़ रही है, जिसके चलते अधिकारियों ने लिक्विडिटी को आसान बनाने और बाजार में मौजूद करेंसी की फिजिकल वैल्यू को कम करने के लिए अधिक कीमत वाले नोट जारी किए हैं।

लोग निकाल रहे कैश

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के अधिकारियों ने कैश विदड्ऱॉल में आई भारी बढ़ोतरी को भी एक अहम वजह बताया है, जिसके चलते बड़े करेंसी छापने पड़ रहे हैं। मौजूदा संकट के दौरान बैंकिंग सिस्टम और डिजिटल पेमेंट्स में संभावित रुकावटों के डर से, कई ईरानी लोग अपने पास नकद पैसे रखना पसंद कर रहे हैं।
इसकी वजह से ATM और बैंकों के बाहर लंबी कतारें लग गई हैं, क्योंकि लोग अपनी बचत को सुरक्षित करने के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं।

लोगों पर क्या पड़ रहा असर?

जानकारों का मानना है कि भले ही 10 मिलियन रियाल का नोट कागज पर देखने में काफी बड़ा लगे, लेकिन डॉलर के मुकाबले इसकी कम कीमत देश के सामने मौजूद व्यापक आर्थिक संकट को उजागर करती है। महंगाई ने लोगों की खरीदने की क्षमता को लगातार कम किया है, जिससे रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी काफी महंगी हो गई हैं और वैल्यू ऑफ सेविंग्स घट गई है।

लंबे समय से दबाव में है ईरान की इकोनॉमी

अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, वैश्विक वित्तीय प्रणालियों तक सीमित पहुँच और घरेलू आर्थिक चुनौतियों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था दशकों से लगातार दबाव में है। क्षेत्रीय तनाव में हालिया बढ़ोतरी ने इन समस्याओं को और भी बढ़ा दिया है, जिससे महँगाई तेजी से बढ़ी है और रियाल और भी कमजोर हो गया है।
इतने बड़े नोटों की शुरुआत गंभीर आर्थिक संकट का संकेत होती है। हालाँकि इससे लेन-देन में शॉर्ट टर्म सुविधा मिल सकती है।

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