ईरान-इजरायल, UAE... मिडिल ईस्ट में कहां मिलता है सबसे ज्यादा पैसा? एक भारतीय की महीने की कमाई कितनी
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच, एक रिपोर्ट में भारतीय लोगों संख्या वहां के देशों में कितनी है और ...और पढ़ें

HighLights
UAE भारतीयों के लिए सबसे बड़ा रोजगार केंद्र, उच्च वेतन।
सऊदी, कतर, कुवैत में भी भारतीय श्रमिकों को अच्छा वेतन।
18-30 वर्ष के युवा श्रमिक मिडिल ईस्ट में प्रमुखता से कार्यरत।
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में ईरान से जुड़ा संघर्ष पांचवे दिन में प्रवेश कर चुका है। इस क्षेत्र में अस्थिरता के बीच हम यहां आपको खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों की संख्या और उनकी कितनी आय है उसके बारे में बता रहे हैं। प्रवासी वर्कफोर्स मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म एक रिपोर्ट में बताया गया है कि मिडिल ईस्ट में भारतीय कर्मचारियों को सबसे अधिक वेतन किन देशों में मिलता है और किस आयु वर्ग के लोग बड़ी संख्या में काम के लिए जा रहे हैं।
भारतीयों के लिए सबसे बड़े रोजगार केंद्र
संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
भारतीय प्रवासियों का सबसे बड़ा केंद्र संयुक्त अरब अमीरात (UAE) बना है। यहां करीब 34-35 लाख भारतीय काम करते हैं। टैक्स-फ्री आय, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और विविध अर्थव्यवस्था (दुबई और अबू धाबी जैसे हब) के कारण यह भारतीयों की पहली पसंद है। औसतन भारतीय पेशेवरों को यहां AED 12,000–22,000 प्रति माह (लगभग ₹3–5 लाख) तक वेतन मिलता है। आईटी, इंजीनियरिंग और फाइनेंस सेक्टर में यह 30,000 दिरहम से भी अधिक हो सकता है।
सऊदी अरब (Saudi Arabia)
सऊदी में लगभग 26-27 लाख भारतीय कार्यरत हैं। विजन 2030 के तहत आर्थिक सुधारों के कारण यहां अवसर बढ़े हैं। औसत वेतन SAR 16,000 प्रति माह (करीब ₹3.5 लाख) के आसपास है, जबकि तेल और टेक सेक्टर में यह अधिक हो सकता है।
कतर (Qatar)
कतर भी भारतीयों के लिए शीर्ष वेतन वाले देशों में शामिल है। यहां लगभग 7.5 लाख भारतीय रहते हैं। औसतन QAR 18,000 प्रति माह (करीब ₹4.55 लाख) वेतन मिलता है, यहां खासकर ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में काम मिलता है।
कुवैत (Kuwait)
Kuwait में लगभग 10 लाख भारतीय काम कर रहे हैं। यहां औसत आय KWD 1,500 प्रति माह (लगभग ₹4.9 लाख) तक पहुंच सकती है।
बहरीन और ओमान
Bahrain और Oman मध्यम स्तर के विकल्प माने जाते हैं। बहरीन में औसत BHD 1,200 और ओमान में OMR 1,200 (करीब ₹2.50 लाख) हर महीने की सैलरी बताई गई है।
ब्लू-कॉलर भारतीयों की औसत सैलरी
निर्माण मजदूर: $200–$500 प्रति माह
घरेलू सहायिका: $300–$1000 प्रति माह
सिक्योरिटी गार्ड: $400–$1000 प्रति माह
कुशल निर्माण कर्मी: $400–$800 प्रति माह
वेयरहाउस/लोडर: $300–$500 प्रति माह
किस उम्र के लोग ज्यादा करते हैं काम?
18-30 वर्ष आयु वर्ग के युवा कुल प्रवासी श्रमिकों का 50-60% हिस्सा हैं। ये मुख्यत कंस्ट्रक्शन, फैक्ट्री, वेयरहाउस और घरेलू काम में लगे हैं। 31-45 वर्ष आयु वर्ग के लोग 30-40% हैं और इन्हें कुशल व अनुभवी कामों में प्राथमिकता मिलती है।
किन देशों में अवसर कम?
इजराइल, तुर्की, मिस्र और जॉर्डनमें भारतीय समुदाय अपेक्षाकृत छोटा है और वेतन खाड़ी देशों की तुलना में कम प्रतिस्पर्धी है। वहीं ईरान, इराक, सीरिया, लेबनान और यमन जैसे देशों में संघर्ष और आर्थिक अस्थिरता के कारण भारतीयों की संख्या बहुत कम है और वेतन भी सीमित है।
