नई दिल्ली। मोदी सरकार के आने के बाद कारखानों ने रफ्तार पकड़ ली है। मई के आंकड़े से इसकी पुष्टि कर रहा है। इस महीने के औद्योगिक उत्पादन में 4.7 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। यह इस क्षेत्र के उत्पादन में 19 महीने की उच्चतम वृद्धि दर है। मैन्यूफैक्च¨रग, खनन, बिजली और कैपिटल गुड्स क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन ने इसे संभव बनाया है। बीते साल के समान महीने में औद्योगिक उत्पादन के सूचकांक (आइआइपी) में 2.5 फीसद की गिरावट आई थी।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आइआइपी में तीन चौथाई हिस्सेदारी रखने वाले मैन्यूफैक्च¨रग क्षेत्र का उत्पादन मई में 4.8 फीसद बढ़ा है। बीते साल के इसी महीने में यह 3.2 फीसद घट गया था। चालू साल के अप्रैल-मई के दो महीनों के दौरान इस क्षेत्र की वृद्धि दर 3.7 फीसद रही है। मांग का बैरोमीटर कहे जाने वाले पूंजीगत सामान (कैपिटल गुड्स) सेक्टर का उत्पादन मई में 4.5 फीसद बढ़ा है। इसके उलट बीते साल के समान महीने में इस क्षेत्र के उत्पादन में 3.7 फीसद की गिरावट आई थी। पूंजीगत सामान उद्योग का अप्रैल-मई के दो महीनों का उत्पादन 9.3 फीसद की रफ्तार से बढ़ा है।

इसी तरह खनन क्षेत्र के उत्पादन में बीते साल की तेज गिरावट के उलट मई में 2.7 फीसद की बढ़त दर्ज हुई। समीक्षाधीन माह में बिजली उत्पादन में 6.3 फीसद की शानदार वृद्धि हुई है। मैन्यूफैक्च¨रग में शामिल कुल 22 उद्योग समूहों में से 16 के उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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