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यूरिया की हर बोरी पर सरकार दे रही ₹2700 की सब्सिडी! PM किसान से लेकर KCC तक वित्तमंत्री ने को बताया मास्टर प्लान

Published: Sun, 04 Oct 2026 12:30 PM (IST)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार यूरिया की हर बोरी पर ₹2,700 की सब्सिडी दे रही है, जिससे ...और पढ़ें

यूरिया सब्सिडी पर वित्तमंत्री का बड़ा बयान

यूरिया सब्सिडी पर वित्तमंत्री का बड़ा बयान

HighLights

  1. सरकार यूरिया की प्रति बोरी पर ₹2,700 की सब्सिडी दे रही है।

  2. किसानों को वैश्विक मूल्य वृद्धि के बावजूद सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध।

  3. पीएम-किसान, KCC से कृषि उत्पादन और लागत कम करने पर जोर।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत उर्वरकों का बड़ा आयातक देश है। इन दिनों इसकी सप्लाई और कीमत को लेकर उथल-पुथल जारी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते दिनों आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में आयोजित एक कार्यक्रम में जानकारी देते हुए बताया कि यूरिया की वैश्विक कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद केंद्र सरकार किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रति बैग करीब ₹2,700 की सब्सिडी दे रही है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी और वेस्ट एशिया में जारी तनाव के कारण यूरिया की आयात लागत कई बार ₹3,000 प्रति बैग तक पहुंच गई थी। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने किसानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया और उन्हें लगभग ₹300 प्रति बैग की दर पर यूरिया उपलब्ध कराया। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक कीमतों का पूरा बोझ सरकार ने खुद उठाया ताकि किसानों को खेती के लिए जरूरी उर्वरक सस्ती दरों पर मिलते रहें।

किसे मिलती है यूरिया सब्सिडी?

सरकार की यूरिया सब्सिडी योजना के तहत यूरिया की वास्तविक लागत और किसानों से ली जाने वाली कीमत के बीच का अंतर सरकार वहन करती है। यह राशि उर्वरक मैन्युफैक्चरर और इंपोर्टर्स को सब्सिडी के रूप में दी जाती है। फिलहाल वर्तमान में 45 किलोग्राम यूरिया के एक बैग का सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹242 है। इसमें नीम कोटिंग ड्यूटी और लागू टैक्स शामिल नहीं होते। वित्त मंत्री ने किसानों द्वारा चुकाई जाने वाली कीमत को लगभग ₹300 बताते हुए सरकार द्वारा दिए किए जा रहे खर्च का जिक्र किया।

किसानों को सब्सिडी और उत्पादन पर जोर

वित्तमंत्री ने कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही सरकार पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत DBT और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से इंस्टीट्यूशनल लोन उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है।

उन्होंने कहा कि आवश्यक कृषि सब्सिडी की कोई कमी न हो, इसके लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य किसानों की लागत कम करना और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है।

आंध्र प्रदेश में कृषि और बागवानी को मिलेगा बढ़ावा

वित्त मंत्री मदनपल्ले में आयोजित कार्यक्रम के संबोधित के दौरान आंध्र प्रदेश में कृषि और बागवानी क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई पहलों की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।

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उन्होंने विश्वास जताया कि नई परियोजनाओं और सरकारी सहयोग से आंध्र प्रदेश में कृषि और बागवानी क्षेत्र को नई गति मिलेगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।