Iran Currency Crisis: ईरान में 1 रुपये से क्या-क्या मिल जाएगा, इस मुस्लिम देश की करंसी से कितना ताकतवर है भारतीय रुपया?
India vs Iran Currency: ईरान गंभीर मुद्रा संकट से जूझ रहा है, जहाँ 1 भारतीय रुपया लगभग 16,700 ईरानी रियाल के बराबर है। अमेरिकी प्रतिबंधों, तेल आय में ...और पढ़ें

Iran Currency Crisis: ईरान में 1 रुपये से क्या-क्या मिल जाएगा, इस मुस्लिम देश की करंसी से कितना ताकतवर है भारतीय रुपया?
नई दिल्ली| सोचिए, आपकी जेब में पड़ा सिर्फ 1 भारतीय रुपया किसी दूसरे देश में हजारों की कीमत रखता हो तो क्या हो? आज यही हाल है मुस्लिम देश ईरान का। करीब 9.28 करोड़ आबादी वाला ईरान इस वक्त गंभीर करंसी संकट (Iran Currency Crisis) से गुजर रहा है। ईरानी रियाल की गिरावट इतनी तेज है कि वह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच चुका है। हालात ऐसे हैं कि भारतीय रुपया, रियाल के सामने बेहद ताकतवर नजर आ रहा है।
सवाल यह है कि आखिर 1 रुपया की ईरान में कितनी ताकत है और उससे वहां क्या-क्या खरीदा जा सकता है? ताजा ओपन मार्केट रेट बताते हैं कि जनवरी 2026 में 1 भारतीय रुपया करीब 16,700 ईरानी रियाल के बराबर है। यही आंकड़ा ईरान के करंसी क्रैश (Iran Currency Crash) की असली कहानी बयां करता है और भारत-ईरान की मुद्रा ताकत के फर्क को साफ दिखा देता है।
क्यों क्रैश हुई ईरानी करंसी? (Why did the Iranian currency Rial crash?)
ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से दबाव में है। 2018 में अमेरिका द्वारा न्यूक्लियर डील से हटकर कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के बाद तेल आय घटी, अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग तक पहुंच मुश्किल हुई और हालात बिगड़ते चले गए। मौजूदा करंसी संकट को लोग दशकों की बदइंतजामी, भ्रष्टाचार और प्रतिबंधों का नतीजा मान रहे हैं।
- कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध: 2018 के बाद तेल निर्यात और विदेशी भुगतान पर भारी चोट।
- तेल आय में गिरावट: सरकारी राजस्व घटा, डॉलर की किल्लत बढ़ी।
- बैंकिंग अलगाव: अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग तक पहुंच सीमित।
- दशकों की बदइंतजामी और भ्रष्टाचार: निवेशकों का भरोसा टूटा।
- राजनीतिक अनिश्चितता: विरोध-प्रदर्शन और सख्त प्रतिक्रिया का डर।
47 साल में रियाल कब-कब और क्यों टूटा? (Iranian Rial depreciation history)
| साल | 1 डॉलर की कीमत (रियाल में) | गिरावट का कारण |
| 1979 | 70 रियाल | इस्लामिक क्रांति (Islamic Revolution) |
| 2002 | 8,200 रियाल | आर्थिक प्रतिबंधों का असर शुरू |
| 2012 | 26,000 रियाल | अमेरिका और EU द्वारा कड़े प्रतिबंध (Sanctions) |
| 2018 | 1,10,000 रियाल | अमेरिका का न्यूक्लियर डील (JCPOA) से बाहर निकलना |
| 2022 | 4,30,000 रियाल | देश में विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितता |
| 2025 (दिसंबर) | 14,20,000 रियाल | ऐतिहासिक गिरावट (Record Low) |
ईरान में 1 रुपए में क्या-क्या मिल सकता है?
- ध्यान रहे, कीमतें शहर और समय के हिसाब से बदलती हैं। यहां हम सिर्फ उदाहरण समझाने के लिए बता रहे हैं-
- रोटी-नान: स्थानीय बेकरी में कुछ हजार रियाल में मिलता है, जो 1 रुपया में भरपेट मिल सकता है।
- बिस्किट: स्ट्रीट शॉप पर 10-15 हजार रियाल तक मिल जाना आम बात है।
- लोकल बस-मेट्रो का आंशिक किराया: बड़े शहरों में टिकट महंगा है, लेकिन 1 रुपए के बराबर रियाल से कुछ हिस्से का किराया कवर हो सकता है।
- मोबाइल रिचार्ज का छोटा पैक: सीमित डेटा-वैलिडिटी वाले पैक कुछ हजार रियाल में मिल जाते हैं।
मतलब साफ है कि 1 रुपए में ईरान में रोजमर्रा की छोटी चीजें खरीदी जा सकती हैं, जो करंसी की भारी गिरावट को दिखाता है।
India vs Iran: किसकी करंसी कितनी मजबूत?
जहां ईरानी रियाल पर वर्षों से प्रतिबंध, महंगाई और विदेशी मुद्रा की कमी का दबाव है, वहीं भारतीय रुपया तुलनात्मक रूप से स्थिर रहा है। एक साधारण तुलना करें तोः
- ₹100 भारत में: सीमित लेकिन ठोस खरीद क्षमता।
- ₹100 ईरान में (≈ 16.7 लाख रियाल): छोटे-मोटे कई रोजमर्रा के खर्च आराम से कवर हो सकते हैं।
यानी आज की हकीकत यह है कि भारतीय रुपया ईरानी रियाल से हजारों गुना मजबूत नजर आता है और 1 रुपए की खरीद क्षमता से ही ईरान के करंसी संकट की गंभीरता समझ में आ जाती है।

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