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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

2035 तक 10 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत; चीन और अमेरिका की होगी यह स्थिति

By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
Published: Mon, 26 Dec 2022 01:35 PM (IST)Updated: Wed, 28 Dec 2022 08:40 AM (IST)

Indian Economy Growth Rate CEBR की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर अगले 15 सालों ...और पढ़ें

Indian Economy is third largest economy in the world
Indian Economy is third largest economy in the world

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (CEBR) ने सोमवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में लगातार बनी हुई तेजी के कारण 2037 तक भारत इकोनॉमिक लीग टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। 2022 में फिलहाल भारत पांचवें स्थान पर है। इसके साथ 2035 में भारत 10 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को छू दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

CEBR की ओर से जारी की जाने वाली वार्षिक वर्ल्ड इकोनॉमिक लीग टेबल 2023 में बताया गया कि अगले पांच सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था औसत 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। उसके बाद अगले नौ सालों का गति औसत 6.5 प्रतिशत रह सकती है। इस विकास दर से लगता है कि 2022 में इकोनॉमिक लीग टेबल में पांचवें स्थान पर कायम भारत 2037 में तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है। यह वह साल होगा जब दुनिया में चीन पहले, अमेरिका दूसरे स्थान पर कायम होगा।

देश की अर्थव्यवस्था में आई विविधता

CEBR ने कहा कि देश की अधिकांश आर्थिक गतिविधियां सेवा क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था में पिछले कुछ सालों में विकसित होने के साथ विविधता आई है। हालांकि, अभी भी देश की लेबर फोर्स का बड़ा हिस्सा कृषि में कार्यरत है।

कोरोना में देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान

रिसर्च संस्था की ओर से बताया गया कि कोरोना महामारी का देश की अर्थव्यवस्था पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा था। कोरोना के दौरान भारत में आर्थिक गतिविधियों में एक बड़ी गिरावट हुई थी। 2020-21 में उत्पादन में 6.60 प्रतिशत की कमी आई थी।

दुनिया में सबसे तेज भारतीय अर्थव्यवस्था

CEBR ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कोरोना के झटके को झेलने के बाद भारत में आर्थिक गतिविधियों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है, यह मजबूत घरेलू मांग के कारण संभव हो पाया है। इस कारण भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2021-22 में 8.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी, जो कि दुनिया में सबसे अधिक है।

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