राष्ट्रीय आय में सार्वजनिक क्षेत्र का योगदान महज 20 फीसद; ग्रोथ के लिहाज से किस सेक्टर का क्या है हाल, जारी हुए आंकड़े
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक राष्ट्रीय आय में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का केवल 20 फीसद का योगदान है। वहीं पूंजी वृद्धि यानी रिटर्न के नजरिए से देखें तो घरेलू क्षेत्र 9.1 प्रतिशत के साथ सबसे तेज था।

मुंबई, एजेंसी। घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (India Ratings and Research) की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय आय में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का केवल 20 फीसद का योगदान है जबकि कुल वेतन में यह क्षेत्र लगभग 40 प्रतिशत योगदान देता है। इंडिया रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 2020-21 में खत्म होने वाले दशक के दौरान सकल मूल्यवर्धन (gross value addition) में सार्वजनिक क्षेत्र की औसत हिस्सेदारी 19.2 फीसद जबकि वेतन में हिस्सेदारी 39.2 प्रतिशत थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office) की ओर से जारी सकल मूल्यवर्धन (gross value added, GVA) के आंकड़ों अध्ययन के आधार पर ये निष्कर्ष जारी किए गए हैं। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (India Ratings and Research) ने कहा कि सकल मूल्यवर्धन (gross value added, GVA) और मजदूरी में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी कमोबेश संतुलित है। रिपोर्ट के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र का मजदूरी में 35.2 फीसद और जीवीए (gross value added, GVA) में 36.3 प्रतिशत योगदान है।
गौर करने वाली बात है कि जो लोग अर्थव्यवस्था में सरकार की कम भूमिका की वकालत करते हैं, वे अक्सर सार्वजनिक क्षेत्र में दक्षता की कमी का उल्लेख करते हैं। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2012-21 दौरान मजदूरी 10.4 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ी। वहीं इस दौरान पूंजी पर रिटर्न (return on capital) में 8.8 फीसद की दर से बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, संस्थागत वर्गीकरण स्तर पर आंकड़े मिश्रित तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। आंकड़े बताते हैं कि निजी क्षेत्र में मजदूरी 13.2 प्रतिशत सीएजीआर की दर से तेजी से बढ़ी। इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र में 10 फीसद और घरेलू क्षेत्र में 7.2 प्रतिशत सीएजीआर की दर से सबसे धीमी वेतन वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूंजी वृद्धि यानी रिटर्न के नजरिए से, घरेलू क्षेत्र 9.1 प्रतिशत के साथ सबसे तेज था। इसके बाद निजी क्षेत्र 8.9 फीसद और सार्वजनिक क्षेत्र सबसे कम 6.2 प्रतिशत के साथ देखा गया।
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