यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राजकोषीय घाटा चार प्रतिशत पर आया तो अपग्रेड होगी सॉवरेन रेटिंग : S&P
India Rating Upgrade अमेरिका स्थित रेटिंग एजेंसी ने मई में भारत के लिए आउटलुक को स्थिर से बढ़ाकर सकारात्मक कर ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। अगर केंद्र सरकार अपने वित्त का विवेकपूर्ण प्रबंधन करे और राजकोषीय घाटे को जीडीपी के चार प्रतिशत तक ले आती है तो अगले 24 महीनों में भारत की सॉवरेन रेटिंग को अपग्रेड किया जा सकता है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के निदेशक यीफर्न फुआ ने कहा कि रेटिंग अपग्रेड करने के लिए सामान्य सरकारी घाटे (केंद्र+राज्य ) को सात प्रतिशत से नीचे लाना होगा और इसमें से ज्यादा प्रयास केंद्र सरकार को करना होगा।
फुआ ने कहा, ''अगर केंद्र सरकार राजकोषीय घाटे को जीडीपी के चार प्रतिशत तक ले आती है तो हम अगले 24 महीनों में रेटिंग को अपग्रेड करने पर विचार करेंगे।'' केंद्र सरकार का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.1 प्रतिशत तक ले आया जाएगा जो 2023-24 में 5.63 प्रतिशत था।
राजकोषीय समेकन रोडमैप (Fiscal Consolidation Roadmap) के अनुसार, घाटा - सरकारी व्यय और राजस्व के बीच का अंतर - को 2025-26 तक घटाकर 4.5 प्रतिशत पर लाया जाएगा।
अमेरिका स्थित रेटिंग एजेंसी ने मई में भारत के लिए आउटलुक को स्थिर से बढ़ाकर सकारात्मक कर दिया था, लेकिन रेटिंग को 'बीबीबी' पर बरकरार रखा था। फुआ ने आगे कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले तीन वर्षों में औसतन आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो घरेलू खपत और बुनियादी ढांचे के निवेश से प्रेरित है।
एस एंड पी ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की विकास दर 6.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है, जो कि पिछले साल की 8.2 फीसदी की तुलना में कम है।
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया-प्रशांत) लुईस कुइज ने कहा कि भारत एशिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर कोविड का प्रभाव पीछे छूट गया है और विकास गति पकड़ने की प्रक्रिया में है।
कुइज ने कहा, "हमने देखा कि कोविड का विकास पर बड़ा प्रभाव पड़ा है, विशेष रूप से भारत जैसे देशों में... भारत कुछ खोई हुई जमीन वापस पा रहा है और चार साल पहले की अपेक्षा अधिक तेजी से विकास कर रहा है।"

