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भारत-न्यूजीलैंड की दोस्ती के लिए ऐतिहासिक दिन: लागू हुआ फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट, 20 अरब डॉलर के निवेश और रोजगार की उम्मीद

Published: Tue, 20 Oct 2026 09:16 AM (IST)

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर से लागू होगा, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार ...और पढ़ें

भारत और न्यूजीलैंड के बीच FTA (AI फोटो)

भारत और न्यूजीलैंड के बीच FTA (AI फोटो)

HighLights

  1. FTA 20 अक्टूबर से लागू, व्यापार लक्ष्य 7 अरब डॉलर

  2. भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड में 100% ड्यूटी-फ्री पहुंच

  3. भारत में 20 अरब डॉलर निवेश, रोजगार के अवसर

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने कई देशों के साथ फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किया है। इन देशों में न्यूजीलैंड भी शामिल हैं। दोनों देशों के बीच FTA 20 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। दोनों देशों ने 2030 तक गुड्स और सर्विसेज में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (लगभग 35,000 करोड़ रुपये) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए लगभग 18% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) की आवश्यकता होगी।

इस FTA से भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा, जिससे MSME, महिला उद्यमियों, किसानों और कारीगरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश आएगा, जिससे मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और इनोवेशन के क्षेत्रों में अवसर पैदा होंगे।

इन सेक्टर्स को भी होगा फायदा

कपड़ा, परिधान, चमड़ा और जूते-चप्पल जैसे ज्यादा श्रम वाले क्षेत्रों को 10% तक टैरिफ खत्म होने से फायदा मिलने की उम्मीद है। इंजीनियरिंग गु्ड्स, फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी, केमिकल्स और कृषि उत्पादों को भी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।

बता दें कि यह FTA न्यूजीलैंड के सेब, कीवी फल और मानुका शहद के लिए 'टैरिफ-रेट कोटा', मिनिमम इम्पोर्ट प्राइसेज और घरेलू किसानों की सुरक्षा के लिए अन्य उपायों के जरिए एक कंट्रोल्ड मार्केट एक्सेस प्रदान करता है। इसमें कृषि सहयोग की पहल भी शामिल है, जो सेब, कीवी फल और शहद के लिए उत्पादकता बढ़ाने, तकनीक अपनाने और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।

शिक्षा के लिए क्या होगा?

शिक्षा के लिए न्यूजीलैंड जाने वाले युवा भारतीयों को अब एक गारंटीड वर्क वीजा दिया जाएगा, जिससे उन्हें वहां एक तय अवधि तक प्रशिक्षण लेने और काम करने की अनुमति मिलेगी। गोयल ने कहा कि भारतीय किसानों को फल, सब्जियां, मसाले और अन्य कृषि उत्पादों के लिए ब्रॉडर मार्केट तक एक्सेस मिलेगी।
इसके साथ ही, उत्पादकता बढ़ाने, इनकम में सुधार करने और आजीविका को मजबूत करने के लिए सहयोग भी मिलेगा। इस समझौते के तहत, कार्गो के लिए 48 घंटे के भीतर और एक्सप्रेस तथा जल्दी खराब होने वाले सामानों के लिए 24 घंटे के भीतर कस्टम क्लीयरेंस की व्यवस्था की गई है।

न्यूजीलैंड के कुछ उत्पादों पर टैरिफ में कटौती

भारत में न्यूजीलैंड के कुछ उत्पादों पर टैरिफ में कटौती की जाएगी, जिनमें शहद, सेब, कीवी फल, एल्ब्यूमिन (दूध से प्राप्त एल्ब्यूमिन सहित), वाइन, फार्मास्यूटिकल्स, पॉलिमर और एल्युमिनियम जैसे उत्पाद शामिल हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा, "ये संबंध केवल बाजार तक पहुंच बनाने या एक-दूसरे को अधिक निर्यात करने तक सीमित नहीं हैं।" उन्होंने आगे कहा कि मुख्य जोर एक मजबूत और स्थायी आर्थिक साझेदारी बनाने पर है।

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