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अक्टूबर में धीमी पड़ी भारत के विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार, मैन्युफैक्चरिंग PMI घटकर 54.7 पर

By Jagran BusinessEdited By: Kashid Hussain
Published: Mon, 02 Nov 2026 01:14 PM (IST)

अक्टूबर में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर धीमी हुई, एचएसबीसी इंडिया पीएमआई 55.1 से घटकर 54.7 पर आया। ...और पढ़ें

मैन्युफैक्चरिंग PMI घटकर 54.7 पर

मैन्युफैक्चरिंग PMI घटकर 54.7 पर


HighLights

  1. अक्टूबर में विनिर्माण पीएमआई 55.1 से घटकर 54.7 हुआ

  2. उत्पादन और नए ऑर्डर की वृद्धि दर में कमी आई

  3. मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग से निर्यात ऑर्डर में वृद्धि

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अक्टूबर में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ गई। उत्पादन एवं नए ऑर्डर में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि इसकी मुख्य वजह रही। वहीं, लागत का दबाव मध्यम रहने से गतिविधियों की रफ्तार धीमी होने का असर सीमित रहा। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई।
मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) सितंबर के 55.1 से घटकर अक्टूबर में 54.7 पर आ गया। हालांकि, यह अब भी अपने दीर्घकालिक औसत से ऊपर और 50 के तटस्थ स्तर से काफी अधिक रहा।

विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत विस्तार जारी

क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) में 50 से ऊपर का अंक विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन का संकेत देता है। सर्वेक्षण में कहा गया कि मांग में लगातार सुधार से नए कारोबार में एक बार फिर तेज वृद्धि दर्ज की गई।
वृद्धि की रफ्तार सितंबर के सात महीने के उच्च स्तर से मामूली ही धीमी हुई और ऐतिहासिक मानकों के लिहाज से मजबूत बनी रही। अक्टूबर में भारत के विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत विस्तार जारी रहा, हालांकि उत्पादन एवं नए ऑर्डर में वृद्धि की रफ्तार कुछ कम रही।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना और भंडार जमा करना जारी

कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना और भंडार जमा करना जारी रखा, हालांकि नियुक्तियों की गति धीमी रही और कारोबारी भरोसा कमजोर हुआ। एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘‘भारत का विनिर्माण पीएमआई पिछले महीने के 55.1 से घटकर अक्टूबर में 54.7 पर आ गया, लेकिन यह मजबूती से विस्तार के दायरे में और अपने दीर्घकालिक औसत से ऊपर बना रहा।’’
भंडारी ने कहा, ‘‘मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग के कारण नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई, जिससे उत्पादन में मजबूत बढ़ोतरी को समर्थन मिला। उत्पादकों ने कच्चे माल का भंडार भी आठ महीने में सबसे अधिक बढ़ाया। उन्होंने अस्थिर वैश्विक माहौल में संभावित कमी से निपटने और उत्पादन की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए एहतियाती भंडार तैयार किया।’’

कई देशों से कारोबार में बढ़ोतरी

कंपनियों ने बांग्लादेश, कनाडा, इंडोनेशिया, नेपाल, ओमान, सऊदी अरब, श्रीलंका, ब्रिटेन, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों से कारोबार में बढ़ोतरी की जानकारी दी। रोजगार के मोर्चे पर, उत्पादन की अधिक जरूरत एवं काम का बोझ बढ़ने से कारखानों में लगातार दूसरे महीने रोजगार बढ़ा, हालांकि नई नौकरियां देने की रफ्तार धीमी हुई।
मांग में लगातार वृद्धि के बावजूद कारोबारी भरोसा सितंबर के मुकाबले कमजोर हुआ और अपने दीर्घकालिक औसत से नीचे बना रहा। करीब 18 प्रतिशत विनिर्माताओं ने अगले एक साल में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई, जबकि बाकी ने तटस्थ रुख अपनाया।
एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण पीएमआई का संकलन एसएंडपी ग्लोबल करती है। इसके लिए करीब 400 विनिर्माण कंपनियों के समूह के खरीद प्रबंधकों को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों का इस्तेमाल किया जाता है।


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