भारत में है दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, ₹150,000 Cr का है दांव; अदाणी समेत इनकी भागीदारी
गुजरात के कच्छ जिले में बन रहा खावड़ा सोलर पार्क दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क है। यह ...और पढ़ें

भारत में है दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। गुजरात हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, जिसे खावड़ा सोलर पार्क भी कहा जाता है, एक रिन्यूएबल एनर्जी पार्क है। ये भारत के गुजरात के कच्छ जिले के विघाकोट गाँव के पास बन रहा है। खास बात ये है कि ये दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क (World's Largest Hybrid Renewable Energy Park) है। आइए जानते हैं कि इस पार्क को कौन बना रहा है और इससे क्या फायदा होगा।
कितने एरिया में फैला है ये पार्क?
यह पार्क 72,600 हेक्टेयर (179,000 एकड़) बंजर जमीन पर बनाया जा रहा है। इससे सोलर पैनल और विंड टर्बाइन से 30 गीगावाट (GW) बिजली पैदा होने की उम्मीद है, जो 1.8 करोड़ भारतीय घरों को बिजली देने के लिए काफी है। बता दें कि मार्च 2024 तक इस पार्क में 1 GW कैपेसिटी चालू हो गई थी।
कितना होगा सोलर पार्क में निवेश?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया इलेक्ट्रिक पावर ट्रांसमिशन को मैनेज करेगी। इस पार्क से 100,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही ₹150,000 करोड़ का इन्वेस्टमेंट आने की उम्मीद है।
इससे हर साल 5 करोड़ टन कार्बन एमिशन में भी कमी आएगी। सरकार की 14 GWh ग्रिड-स्केल बैटरी स्टोरेज सिस्टम लगाने की भी योजना है। बिजली मंत्रालय ने पार्क से 7 गीगावाट स्थानांतरित करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर ₹18,598 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है।
किसे-किसे मिली कितनी जमीन?
| क्षेत्र | कुल भूमि (हेक्टेयर में) | डेवलपर्स | आवंटित भूमि (हेक्टेयर में) | अनुमत क्षमता (मेगावाट) |
| हाइब्रिड पवन-सौर ऊर्जा क्षेत्र | 49,600 | अदाणी ग्रीन एनर्जी | 19,000 | 9,500 |
| सरजन वास्तविकताएँ | 9,500 | 4,750 | ||
| एनटीपीसी | 9,500 | 4,750 | ||
| गुजरात इंडस्ट्रीज पावर कंपनी | 4,750 | 2,375 | ||
| गुजरात राज्य विद्युत निगम | 6,650 | 3,325 | ||
| पवन ऊर्जा क्षेत्र | 23,000 | सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया | 23,000 | 11,500 |
ये है पूरी डिटेल
पार्क के प्रस्ताव को गुजरात सरकार ने 9 सितंबर 2020 को 60,000 हेक्टेयर (600 किमी 2) जमीन आवंटित करते हुए मंजूरी दी थी। तब उस प्रस्ताव में कुल 41.5 गीगावाट क्षमता का उल्लेख किया गया था। इस परियोजना की आधारशिला 15 दिसंबर 2020 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी। फिर पार्क तक जाने वाली 30 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया।
मार्च 2024 में, अदाणी ग्रीन एनर्जी ने 1 GW क्षमता चालू की, जिसके लिए 2.4 मिलियन फोटोवोल्टिक मॉड्यूल की स्थापना की जरूरत थी। अदाणी ग्रीन एनर्जी ने 2.1 GW क्षमता के निर्माण के लिए फंड सुरक्षित कर लिया था।
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