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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

त्योहार और चुनाव से भारत की इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार, चालू वित्त वर्ष में 6.5-6.8 प्रतिशत रहेगी आर्थिक वृद्धि

By AgencyEdited By: Shashank Mishra
Published: Wed, 18 Oct 2023 09:41 PM (IST)

फर्म डेलाइट इंडिया ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5-6.8 प्रतिशत के ...और पढ़ें

आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए घरेलू मांग पर रहना होगा निर्भर।
आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए घरेलू मांग पर रहना होगा निर्भर।

पीटीआई, नई दिल्ली। सलाहकार फर्म डेलाइट इंडिया ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5-6.8 प्रतिशत के दायरे में रह सकती है। त्योहारी मौसम में खर्च बढ़ने और अगले साल आम चुनावों के पहले सरकारी खर्च बढ़ने से इस वृद्धि को समर्थन मिलेगा। डेलाइट ने अपनी भारत आर्थिक परिद्दश्य रिपोर्ट में कहा है कि भारत को वर्ष 2027 तक दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए हर वित्त वर्ष में कम से कम 6.5 प्रतिशत की वृद्धि की जरूरत होगी।

आने वाले समय में मंदी से निपटना आसान नहीं

इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को वर्ष 2047 तक विकसित देश बनने के लिए सालाना आठ-नौ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि की जरूरत होगी। जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो कि एक साल पहले की अवधि के 7.2 प्रतिशत से अधिक है। डेलाइट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी से निपटना आसान नहीं होगा।

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उन्होंने कहा कि भारत को अपनी आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए अपनी घरेलू मांग पर निर्भर रहना होगा और इसके लिए विशेष रूप से निजी खपत और निवेश खर्च पर ध्यान देना होगा। भारत इस समय 3.4 लाख करोड़ डालर की जीडीपी के साथ अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी के बाद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसके साथ ही डेलाइट ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर अगले साल 6.5 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान जताया।

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