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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bullet Train: बुलेट ट्रेन को लेकर आया नया अपडेट, रेल मंत्री ने बताया आखिर क्यों लेट हुआ प्रोजेक्ट

Published: Tue, 23 Apr 2024 02:30 PM (IST)

Bullet Train Update बुलेट ट्रेन को लेकर अब नया अपडेट सामने आया है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने न्यूज एजेंसी के ...और पढ़ें

Bullet Train: बुलेट ट्रेन को लेकर आया नया अपडेट
Bullet Train: बुलेट ट्रेन को लेकर आया नया अपडेट

आईएएनएस, नई दिल्ली। देशवासी अब इंतजार कर रहे हैं कि कब पटरी पर बुलेट ट्रेन (Bullet Train) दौड़ेगी। बुलेट ट्रेन को लेकर अब एक नया अपडेट सामने आया है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ हुए इंटरव्यू में कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन के लिए कई स्टेशनों के निर्माण में प्रगति हुई है।

इस प्रगति के बाद उम्मीद है कि वर्ष 2026 तक पहली बुलेट ट्रेन पटरी पर दौड़ने लगेगी। वैष्णव ने कहा कि अहमदाबाद-मुंबई रूट पर बुलेट ट्रेन का काम बहुत अच्छे से चल रहा है।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह काफी कॉम्पलेक्स प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट पर साल 2017 से काम शुरू हुआ। ट्रेन के डिजाइन को ही पूरा होने में लगभग ढाई साल लग गए।

अश्विनी वैष्णव ने विस्तार से बताया कि

ट्रेन का डिजाइन बहुत जटिल है क्योंकि जिस स्पीड से ट्रेन को चलाना होता है उसमें कंपन यानी वाइब्रेशन बहुत तेज होगी। इन वाइब्रेशन को कैसे मैनेज करें? अगर हम ट्रेन के ऊपर से करंट लेते हैं तो वह करंट कैसे लें? इसके अलावा स्पीड, एयरोडायनामिक्स आदि हर चीज को बहुत ध्यान से देखने के बाद ही ट्रेन के डिजाइन को तैयार किया गया।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में हुई देरी को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में देरी की वजह कोविड महामारी भी रही। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिससे परियोजना में देरी हुई। लेकिन काम अब बहुत अच्छी तरह से प्रगति कर रहा है।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बारे में

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में 21 किमी लंबी सुरंग है। जिसमें 7 किमी समुद्र के नीचे का हिस्सा भी शामिल है। इस सुरंग का सबसे गहरा बिंदु 56 मीटर है। सुरंग के अंदर बुलेट ट्रेन 300-320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी।

इसका उद्देश्य जापान की शिंकानसेन तकनीक (जिसे बुलेट ट्रेन के रूप में भी जाना जाता है) का उपयोग करके मुंबई और अहमदाबाद के बीच हाई-स्पीड रेल का निर्माण करके हाई फ्रीक्वेंसी वाली ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम को विकसित करना है।