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    FY25 में GDP growth होगी 7.5 प्रतिशत के करीब, Ind-Ra ने अपने पूर्वानुमान में किया संशोधन

    Updated: Wed, 31 Jul 2024 03:05 PM (IST)

    Ind-Ra ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की GDP ग्रोथ के पूर्वानुमान को 7.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया है। Ind-Ra को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025 में निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) 3 साल के उच्चतम स्तर 7.4 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा जो वित्त वर्ष 2023-2024 में 4 प्रतिशत था। कहा गया है कि बजट से GDP को रफ्तार मिलेगी।

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    FY25 में 7.5 प्रतिशत GDP growth का पूर्वानुमान लगाया गया है।

    पीटीआई, नई दिल्ली। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की GDP ग्रोथ के पूर्वानुमान को 7.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया है। खपत मांग में सुधार की उम्मीद होने से ये फैसला लिया गया है।

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    विकास गति को मिली बजट से रफ्तार 

    रिसर्च में कहा गया है कि सरकारी पूंजीगत व्यय, कॉरपोरेट्स/बैंकों की बैलेंस शीट में कमी और निजी कॉरपोरेट कैपिटल एक्सपेंडीचर की शुरुआत के कारण जारी विकास की गति को अब केंद्र सरकार के बजट से समर्थन मिला है। बजट में कृषि/ग्रामीण खर्च को बढ़ावा देने, एमएसएमई को ऋण वितरण में सुधार और अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने का वादा किया गया है।

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    GDP में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान

    रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद(GDP) की वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित करते हुए कहा कि Ind-Ra का मानना ​​है कि इन उपायों से खपत मांग को व्यापक बनाने में मदद मिलेगी। Ind-Ra का विकास अनुमान आरबीआई के अनुमान से अधिक है, जिसने वित्त वर्ष 2025 में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया था और वित्त मंत्रालय के आर्थिक सर्वेक्षण ने 6.5-7 प्रतिशत के बीच सकल घरेलू उत्पाद के विस्तार का अनुमान लगाया था।

    2025 में पीक पर पहुंचेगी GDP Growth 

    Ind-Ra को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025 में निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) 3 साल के उच्चतम स्तर 7.4 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा, जो वित्त वर्ष 2024 में 4 प्रतिशत था। खपत की मांग अत्यधिक विषम है, क्योंकि यह उच्च आय वर्ग के परिवारों द्वारा बड़े पैमाने पर उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं से प्रेरित है।

    Ind-Ra ने कहा, "हालांकि, सामान्य से अधिक मानसून और वित्त वर्ष 2025 के केंद्रीय बजट में घोषित उपायों से ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की मांग को बढ़ाकर इसे ठीक करने की उम्मीद है।"

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