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चीन-रूस या ब्राजील नहीं, IMF का भारत पर भरोसा बरकरार! 7% ग्रोथ का अनुमान; दुनिया को आगे लेकर जाएगा इंडिया

Published: Tue, 13 Oct 2026 09:15 AM (IST)

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया ...और पढ़ें

भारत की जीडीपी ग्रोथ पर भरोसा बढ़ा (AI फोटो)

भारत की जीडीपी ग्रोथ पर भरोसा बढ़ा (AI फोटो)

HighLights

  1. IMF ने भारत की GDP ग्रोथ 7% तक बढ़ाई

  2. मजबूत घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र का योगदान

  3. भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की वृद्धि

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान जुलाई के 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। अनुमान में यह बदलाव उम्मीद से अधिक मोमेंटम की वजह से किया गया है, जिसे मजबूत घरेलू मांग और जबरदस्त सर्विस एक्टिविटी का सहारा मिला है। यह बदलाव रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा इस साल के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 7.1% तक बढ़ाने के ठीक एक हफ्ते बाद आया है।

IMF ने अपनी 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' रिपोर्ट के अपडेट में कहा, "भारत अनुमानों में बढ़ोतरी के साथ अलग दिखता है। यह लगातार बने हुए मोमेंटम और मजबूत ग्रोथ की संभावना के बढ़ते सबूतों को दिखाता है, जिसे अनुकूल डेमोग्राफिक स्थिति, बड़े और बढ़ते घरेलू बाज़ार और लगातार स्ट्रक्चरल सुधारों का समर्थन मिला है।"

2027-28 के लिए कितना अनुमान?

2027-28 के लिए भी GDP ग्रोथ का अनुमान 7% लगाया गया है, जो जुलाई के 6.7% के अनुमान से ज्यादा है। खास बात यह है कि भारत की ग्रोथ के अनुमान में यह बढ़ोतरी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं (जैसे US-ईरान युद्ध और रूस-यूक्रेन युद्ध) के बावजूद हुई है, जिनका भारत जैसे ऊर्जा पर निर्भर देश पर असर पड़ता है। IMF के मुताबिक तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद, घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर के दम पर भारत की ग्रोथ मजबूत है।

IMF के अनुमानों के मुताबिक, कच्चे तेल (ब्रेंट, दुबई फतेह और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट) की औसत कीमत 2026 में $95.74 प्रति बैरल होगी, जो 2025 के मुकाबले 41% ज्यादा है। 2027 में तेल की कीमत में लगभग 9% की गिरावट के साथ इसके $87.39 होने का अनुमान है।

जर्मनी-यूके के लिए अनुमान क्या?

IMF ने कुछ बड़ी विकसित अर्थव्यवस्थाओं को लेकर अधिक उम्मीद जताई है। जैसे कि जर्मनी की ग्रोथ 2026 में 1.3 प्रतिशत रह सकती है, जबकि जुलाई में यह अनुमान 0.7 प्रतिशत था। UK की ग्रोथ का अनुमान भी पहले के 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.3 प्रतिशत कर दिया गया है।

चीन-रूस पर भरोसा कम

जर्मनी-यूके के उलट उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए आउटलुक थोड़ा कमजोर हुआ है। IMF को अब उम्मीद है कि इस ग्रुप की ग्रोथ 2026 में 3.7 प्रतिशत होगी, जबकि जुलाई में यह अनुमान 3.8 प्रतिशत था। यह तब हुआ है जब भारत की ग्रोथ के अनुमान में काफी बढ़ोतरी की गई है।

इस गिरावट की मुख्य वजह यह है कि चीन, रूस और ब्राजील जैसे देशों के साथ-साथ मिडिल ईस्ट की कई अर्थव्यवस्थाओं की ग्रोथ धीमी रहने या उनमें गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे उभरते बाजारों के लिए कुल आउटलुक पर असर पड़ रहा है।

यह ध्यान देने वाली बात है कि भारत की ग्रोथ दुनिया के लिए एक ड्राइवर बनी रहेगी, क्योंकि देश के लिए ग्रोथ का काफी ज़्यादा अनुमान ग्लोबल इकॉनमी के ट्रेंड से अलग है। 2026 में, IMF को दुनिया की ग्रोथ 3.1% रहने की उम्मीद है, जो जुलाई के 3% के अनुमान से थोड़ी अधिक है।

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