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    भारत कब बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, IMF की गीता गोपीनाथ ने बताया

    Updated: Sat, 17 Aug 2024 02:15 PM (IST)

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. गीता गोपीनाथ का कहना है कि भारत अगले तीन साल यानी 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारत अभी दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। हालांकि गीता गोपीनाथ का कहना है कि अतिरिक्त रोजगार पैदा करना भारत के लिए एक बड़ी चुनौती रहने वाली है।

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    ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निजी खपत बढ़ी है।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था लगातार तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से संबोधन में कहा था कि भारत सभी क्षेत्रों बड़े सुधार कर रहा है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की राह पर है। अब पीएम मोदी के दावे पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी अपनी मुहर लगा दी है।

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    आईएमएफ की डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर गीता गोपीनाथ का कहना है कि भारत साल 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

    अभी पांचवें नंबर पर भारत

    भारत अभी पांचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी है, लेकिन दमदार विकास दर की बदौलत वह जल्द ही सबसे आगे निकल सकता है। गीता गोपीनाथ के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत की ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही, क्योंकि सभी क्षेत्रों में बढ़ोतरी दिखी। खासकर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निजी खपत बढ़ी है। साथ ही, दोपहिया गाड़ियों की बिक्री से लेकर FMCG सेक्टर तक सभी काबिलेतारीफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

    बेहतर मानसून से और बढ़ेगी खपत

    मौसम विभाग ने इस साल मानसून सामान्य रहने का अनुमान जताया है। गीता गोपीनाथ ने कहा, 'बेहतर मानसून के साथ उपज भी बेहतर होती है और कृषि आय बढ़ती है। इससे आगे भी खपत बढ़ने का सिलसिला जारी रह सकता है।" सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, जुलाई में यात्री वाहनों, तिपहिया, दोपहिया और क्वाड्रिसाइकिल का कुल उत्पादन 24,37,138 यूनिट तक पहुंच गया। भारत में FMCG बाजार तमाम चुनौतियों के बावजूद लचीला बना हुआ है।

    रोजगार के मोर्चे पर रहेगी चुनौती

    गीता गोपीनाथ का कहना है कि भारत को अगले 5-6 वर्षों में लाखों अतिरिक्त नौकरियां पैदा करने की जरूरत है। आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2025 के लिए देश के लिए अपने आर्थिक विकास के पूर्वानुमान को अप्रैल में अनुमानित 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार, अगर तीन वर्षों में भारत द्वारा दर्ज की गई औसत वृद्धि को देखा जाए, तो औसत 8.3 प्रतिशत आता है। मौजूदा वर्ष में उन्होंने 7.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान दिया है।

    (आईएएनएस से इनपुट के साथ)

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