नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय अर्थव्यवस्था के आगामी वित्त वर्ष में काफी तेजी से रिकवर करने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी ताजा वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में यह दर्शाया है। आईएमएफ ने आगामी वित्त वर्ष के लिए भारत की अर्थव्यवस्था के सबसे तेज 11.5 फीसद की रफ्तार से ग्रोथ करने की उम्मीद जताई है। इस तरह भारत साल 2021 में सबसे अधिक तेजी से ग्रोथ करने वाला देश बन सकता है। इससे पहले आईएमएफ ने अपनी अक्टूबर में जारी रिपोर्ट में आगामी वित्त वर्ष के लिए 8.8 फीसद की ग्रोथ रेट का अनुमान व्यक्त किया था।

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वहीं, आईएमएफ ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ (-)8 फीसद रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इससे पहले आईएमएफ ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट (-) 10.3 फीसद रहने का अनुमान व्यक्त किया था। साथ ही आईएमएफ ने अप्रैल 2022 में शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी में 6.8 फीसद की ग्रोथ रहने की उम्मीद जताई है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने साल 2021 के लिए वैश्विक ग्रोथ 5.5 फीसद रहने का अनुमान लगाया है। साथ ही आईएमएफ ने कहा कि यह वायरस और वैक्सीन के आउटकम पर अधिक निर्भर करेगा।

आईएमएफ ने साल 2021 के लिए जिन अर्थव्यवस्थाओं की ग्रोथ का अनुमान जारी किया है, उनमें सबसे अधिक ग्रोथ अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ही है। साल 2021 में आईएमएफ ने यूएस के लिए 5.1, जापान के लिए 3.1, यूके के लिए 4.5, चीन के लिए 8.1, रूस के लिए 3.0, और सऊदी अरब के लिए 2.6 फीसद जीडीपी ग्रोथ रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

आईएमएफ ने साल 2022 के लिए यूएस की अर्थव्यवस्था में 2.5 फीसद ग्रोथ रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इसके अलावा आईएमएफ ने साल 2022 के लिए फ्रांस की अर्थव्यवस्था में 4.1 फीसद, इटली में 3.6 फीसद, स्पेन में 4.7 फीसद, जापान में 2.4 फीसद, यूके में 5 फीसद, कनाडा में 4.1 फीसद, चीन में 5.6 फीसद, सऊदी अरब में 4 फीसद, ब्राजील में 2.6 फीसद और दक्षिणी अफ्रीका में 1.4 फीसद की ग्रोथ रहने का अनुमान जताया है।

पिछले साल, अर्थात साल 2020 की बात करें, तो आईएमएफ ने यूएस की अर्थव्यवस्था में -3.4 फीसद ग्रोथ रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इसके अलावा आईएमएफ ने साल 2020 के लिए फ्रांस की अर्थव्यवस्था में -9.0 फीसद, इटली में -9.2 फीसद, स्पेन में -11.1 फीसद, जापान में -5.1 फीसद, यूके में -10 फीसद, कनाडा में -5.5 फीसद, चीन में 2.3 फीसद, सऊदी अरब में -3.9 फीसद, ब्राजील में -4.5 फीसद और दक्षिणी अफ्रीका में -3.9 फीसद की ग्रोथ रहने का अनुमान जताया है।

IMF का इस पूर्वानुमान कोई आश्चर्य की बात नहीं

टीआईडब्ल्यू प्राइवेट इक्विटी के मैनेजिंग पार्टनर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर मोहित रलहन ने आईएमएफ के इस पूर्वानुमान पर कहा, 'आईएमफ ने वित्त वर्ष 2022 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की जीडीपी ग्रोथ का पूर्वानुमान पहले के 8.8 फीसद से बढ़ाकर 11.5 फीसद कर दिया है। साथ ही इसने वित्त वर्ष 2021 के लिए भी अपने पूर्वानुमान को -10.3 फीसद से बढ़ाकर -8 फीसद कर दिया है। भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत पिछली तिमाही से ही देखने को मिल गए थे और हम हमारी पोर्टफोलियो कंपनियों में आए बदलावों को भी देख रहे हैं। सरकार के समय पर उठाए गए कदमों और नीतिगत समर्थन से अर्थव्यवस्था में उम्मीद से बेहतर रिकवरी हुई है। जीएसटी संग्रह, औद्योगिक उत्पादन, बेरोजगारी दर और विनिर्माण पीएमआई जैसे प्रमुख आर्थिक संकेतक फिर से पुराने स्तर पर आ रहे हैं और कुछ ने कोविड-19 से पहले के स्तर को भी पार कर लिया है। इसलिए आईएमएफ का यह पूर्वानुमान कोई आश्चर्य की बात नहीं है। भारत तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और इसके आने वाले दशक में दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण विकास इंजन बनने की संभावना है'

IMF के पूर्वानुमान को भी पार कर सकती है ग्रोथ रेट

आईएमएफ के इस पूर्वानुमान पर Taurus Mutual fund के सीईओ वकार नकवी ने कहा, 'वित्त वर्ष 2022 में भारत के लिए 11 फीसद की ग्रोथ रेट और वित्त वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के चलते अनुमान का कम रहना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। कोरोना महामारी के कारण जो मांग दब गई थी, वो अब सामने आ रही है। तथ्य यह है कि टीकाकरण की शुरुआत जनता की उत्साहित मनोदशा के साथ हुई है, जो स्पष्ट रूप से भारत के लिए COVID-19 के साथ अच्छी तरह से मनोवैज्ञानिक रूप से समायोजित हो गया है। अगर केंद्र सरकार 1 फरवरी को पेश होने वाले आगामी बजट में मांग को प्रोत्साहित करने वाले कदमों की घोषणा करती है, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा कि हम आईएमएफ के पूर्वानुमान को भी पार कर जाएं।'

निवेश में हो उल्लेखनीय वृद्धि

आईएमएफ के इस पूर्वानुमान पर Ladderup Wealth Management के एमडी राघवेंद्र नाथ ने कहा, 'अगले वित्त वर्ष में 11 फीसद की ग्रोथ संभव है और यह एक सामान्य सी बात है। भारतीय अर्थव्यवस्था सुधार की ओर है और अर्थव्यवस्था के प्रभावित क्षेत्र जैसे- रिटेल, एंटरटेनमेंट, होटल, टूरिज्म आदि भी सामान्य स्थिति में लौट रहे हैं। सरकार ने बहुत सारे खर्च के साथ अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। एक अधिक शानदार समाचार यह होगा कि यह विकास दर 3-4 वर्षों तक कायम रखी जा सकती हो, जो वर्तमान में संभव नहीं है, जब तक कि निजी, सार्वजनिक और विदेशी प्रतिभागियों से अर्थव्यवस्था में होने वाले निवेश में कुछ उल्लेखनीय वृद्धि न हो।' 

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