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    Global Recession : IMF Chief की चेतावनी- अगले साल पड़ सकती है मंदी की मार, टला नहीं है खतरा

    By Siddharth PriyadarshiEdited By:
    Updated: Thu, 07 Jul 2022 01:33 PM (IST)

    Global Recession दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर मंदी का खतरा गहराता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) बार-बार इसके बारे में आगाह करता रहा है। मंदी की आशंका से इन दिनों एशिया और यूरोप के शेयर बाजारों में भी निराशा का माहौल बना हुआ है।

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    possible global recession is heading in 2022-2013

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा (IMF Chief Kristalina Georgieva) ने कहा है कि अगले साल संभावित वैश्विक मंदी (Global Recession) की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दुनिया की सभी अर्थव्यवस्थाओं के लिए मंदी का जोखिम अप्रैल के बाद से "काफी गहरा" हो गया है और इससे संभावित वैश्विक मंदी की आशंका प्रबल हो गई है और यह दुनिया की सभी अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ा खतरा है। आईएमएफ के प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने रॉयटर्स को बताया कि आने वाले हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) 2022 में आर्थिक विकास की दर 3.6 फीसद रहने के अपने पूर्वानुमान को इस साल तीसरी बार संशोधित करके उसे और नीचे लाएगा। उन्होंने कहा कि आईएमएफ के अर्थशास्त्री वैश्विक विकास दर के नए आंकड़ों को अंतिम रूप दे रहे हैं और इसे जल्द ही फाइनल कर लिया जाएगा। आईएमएफ जुलाई के अंत में 2022 और 2023 के लिए अपना अपडेटेड पूर्वानुमान जारी कर सकता है। बता दें कि अप्रैल महीने में आईएमएफ ने अपने पूर्वानुमान में एक प्रतिशत अंक की कटौती की थी। 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर 6.1 फीसद रही।

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    गहरे संकट में दुनिया

    रॉयटर्स को दिए गए एक साक्षात्कार में क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा, "अप्रैल में आखिरी अपडेट के बाद से स्थति कहीं अधिक गंभीर हो गई है और इसके बाद हमारा दृष्टिकोण भी काफी गहरा हो गया है।" दुनिया भर में बढ़ती मुद्रास्फीति, ब्याज दरों में बढ़ोतरी, चीन के आर्थिक विकास में मंदी और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हम सब गहरे संकट में हैं।

    2023 में बदतर हो सकते हैं हालात

    हाल के आर्थिक आंकड़ों से पता चला है कि चीन और रूस सहित कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में दूसरी तिमाही में गिरावट देखी गई है। उन्होंने कहा कि 2022 हमारे लिए कठिन है, लेकिन इस तरह के जोखिम 2023 में और भी अधिक गहरे हो जाएंगे।