दुबई के शेखों की नजर RBL के बाद एक और भारतीय बैंक पर! ₹5730 करोड़ तक का खेला जा सकता है दांव
अबू धाबी की इन्वेस्टमेंट कंपनी IHC बंधन बैंक के प्रमोटर बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSL) में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत ...और पढ़ें

बिक सकता है बंधन बैंक?
HighLights
IHC बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज में हिस्सेदारी खरीदने को तैयार
GIC और IFC जैसे शुरुआती निवेशक बाहर निकलेंगे
आरबीआई की शर्त के तहत बंधन बैंक में हिस्सेदारी घटेगी
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अबू धाबी के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर और डिप्टी रूलर शेख तहून बिन जायद अल-नाहयान की इन्वेस्टमेंट कंपनी IHC, बंधन बैंक के प्रमोटर 'बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज' (BFSL) में हिस्सेदारी खरीदने के लिए शुरुआती बातचीत कर रही है।
बता दें कि BFSL के पास इस प्राइवेट बैंक की एक-तिहाई से थोड़ी ज्यादा हिस्सेदारी है। इस कदम का मकसद शुरुआती दौर के फाइनेंशियल इन्वेस्टर्स को अपनी हिस्सेदारी बेचने का मौका देना है। बंधन के फाउंडर चंद्र शेखर घोष की अगुवाई वाली BFSL, 25-32% हिस्सेदारी के लिए स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर्स खोजने के लिए एडवाइजर 'जेफरीज' के साथ काम कर रही है।
ये कर सकते हैं एग्जिट
IHC की डील से सिंगापुर के GIC और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) के लिए एग्जिट का रास्ता खुलेगा, जो एक दशक से ज्यादा समय से कंपनी में निवेशित हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मार्च के आखिर में इन दोनों के पास BFSL की कुल 30.3% हिस्सेदारी थी और वे पूरी या आंशिक हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलना चाह रहे हैं। अकेले इनकी हिस्सेदारी की वैल्यू ही 500-600 मिलियन डॉलर हो सकती है।
अन्य इन्वेस्टर्स में कौन-कौन?
अन्य इन्वेस्टर्स में स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (Sidbi) शामिल है, जिसके पास 8.1% हिस्सेदारी है। फाइनेंशियल इंक्लूजन ट्रस्ट और नॉर्थ ईस्ट फाइनेंशियल इंक्लूजन ट्रस्ट के पास कुल 40.7% हिस्सेदारी है। बंधन एम्प्लॉइज वेलफेयर ट्रस्ट के पास 14.6% हिस्सेदारी है। अगर दूसरे शेयरहोल्डर्स भी एग्जिट करने का फैसला करते हैं, तो यह एक बहुत बड़ा ट्रांजैक्शन होगा।
BFSL की दो सब्सिडियरी यूनिट
BFSL की दो सब्सिडियरी कंपनियां हैं– बंधन टेक्नोलॉजीज (एक IT सर्विस और AI-बेस्ड टेक्नोलॉजी कंपनी) और बंधन फाइनेंशियल होल्डिंग्स (जो बंधन बैंक, बंधन AMC, बंधन म्यूचुअल फंड ट्रस्टी, बंधन इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (मॉरीशस) और बंधन लाइफ इंश्योरेंस की होल्डिंग कंपनी है)।
31 मार्च तक, BFSL के पास बंधन AMC की 59.98% और बंधन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की 97.16% हिस्सेदारी थी। सिंगापुर का GIC और क्रिस कैपिटल (Chrys Capital) इस एसेट मैनेजमेंट फर्म के अन्य इन्वेस्टर्स हैं। जून के आखिर में बंधन फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड की बैंक में 37.5% हिस्सेदारी थी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ लाइसेंसिंग एग्रीमेंट के मुताबिक, बैंक को 2030 तक अपनी हिस्सेदारी घटाकर 26% करनी होगी।
बातचीत शुरुआती दौर में
BFSL में हिस्सेदारी के लिए खाड़ी देशों में बैंकों और सॉवरेन फंड्स से बातचीत की गई है। इनमें फर्स्ट अबू धाबी बैंक और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के साथ-साथ कार्लाइल और EQT जैसे कुछ PE बायआउट फंड्स भी शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि बताया जा रहा है कि बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि इससे कोई डील होगी।
