नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करेगा आरबीआई: इक्रा
मुद्रास्फीति की स्थिति को देखते हुए आरबीआई की अगली एमपीसी बैठक में नीतिगत दरों में कटौती की गुंजाइश कम नजर आ रही है
नई दिल्ली (जेएनएन)। अप्रैल से जून तिमाही के दौरान जीडीपी ग्रोथ के 5.7 फीसद के साथ तीन साल के निचले स्तर पर चले जाने के बाद रिजर्व बैंक की ओर से आगामी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में नीतिगत दरों में कटौती की गुंजाइश कम है। ऐसा इसलिए क्योंकि मुद्रास्फीति की रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है। यह अनुमान इक्रा ने अपनी एक रिपोर्ट में लगाया है।
अगस्त महीने के दौरान रिटेल महंगाई पांच महीने के उच्चतम स्तर के साथ 3.36 फीसद पर पहुंच गई थी। यह जुलाई महीने में 2.36 फीसद रही थी। अगस्त में महंगाई के आंकड़े मार्च 2017 के बाद के सबसे उच्चतम स्तर पर रहे हैं, मार्च में यह आंकड़ा 3.89 फीसद का रहा था। वित्त वर्ष 2018 में रिटेल महंगाई के 3.7 फीसद पर रहने का अनुमान है जो कि मध्य अवधि के 4 फीसद के लक्ष्य से कम है। मौजूदा समय में रेपो रेट 6 फीसद पर है।
इक्रा के मैनेजिंग डॉयरेक्टर नरेश टक्कर ने बताया, “हालांकि हम अगली मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेट कट की उम्मीद नहीं करते हैं क्योंकि आगे आने वाले महीनों में सीपीआई इन्फ्लेशन के और आगे बढ़ने की संभावना है और यह मार्च 2018 तक 4.5 और 5 फीसद तक रह सकती है।”
गौरतलब है कि मौद्रिक नीति समिति की द्वैमासिक बैठक 3 और 4 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इससे पहले हुई बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी, जिसमें रेपो रेट को 6.25 फीसद से घटाकर 6 फीसद कर दिया गया था।
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