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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

HSBC Holdings Plc Report: भारत की वयस्क आबादी का लगभग 1 फीसद 2030 तक हो सकता है करोड़पति, पढ़ें ये रिपोर्ट

By Sarveshwar PathakEdited By:
Published: Thu, 18 Aug 2022 02:46 PM (IST)

आप बहुत जल्द करोड़पति हो सकते हैं। ऐसा हम नहीं एक अध्ययन कह रहा है। जी हां एक अध्ययन में ...और पढ़ें

HSBC Holdings Plc Report said one percent of India adult population could be millionaires by 2030
HSBC Holdings Plc Report said one percent of India adult population could be millionaires by 2030

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी (HSBC Holdings PLC) की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में 2030 तक लगभग 50 मिलियन लोगों के करोड़पति होने की उम्मीद है और भारत में लगभग छह मिलियन से अधिक लोग करोड़पति हो सकते हैं। एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर 2030 तक वयस्क आबादी में एशिया के सबसे अधिक करोड़पति होने के मामले में ऑस्ट्रेलिया को भी पीछे छोड़ देगा।

बैंक ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में लिखा है कि वित्तीय केंद्र के एशिया-प्रशांत में ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग और ताइवान के बाद सूची में टॉप पर रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन चार देशों में करोड़पतियों का अनुपात भी दशक के अंत तक अमेरिका की तुलना में अधिक होने की उम्मीद है।

एचएसबीसी के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया 2021 में इस क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान पर था, जबकि सिंगापुर दूसरे स्थान पर था, जिसने यह नहीं बताया कि अमेरिका उस वर्ष की तुलना में कैसा है।

एचएसबीसी ने कहा कि वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से एशिया की वित्तीय संपत्ति अमेरिका से अधिक हो गई है और इस क्षेत्र में दुनिया की कुछ सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वियतनाम, फिलीपींस और भारत में 2030 तक कम से कम 250,000 डॉलर की संपत्ति रखने वाले वयस्कों की संख्या दोगुनी से अधिक होने की संभावना है।

एचएसबीसी ने कहा कि रिपोर्ट में घरेलू संपत्ति अनुमानों में वयस्क आबादी, प्रति व्यक्ति औसत धन और नाममात्र प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के अनुमानों का इस्तेमाल किया गया है।

एचएसबीसी ने कहा कि चीन में 2030 तक लगभग 50 मिलियन करोड़पति होने की उम्मीद है और भारत में छह मिलियन से अधिक घर हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा चीन में लगभग 4 फीसद और भारत में 1 फीसद होगा।

एशिया के मुख्य अर्थशास्त्री और एचएसबीसी के वैश्विक शोध एशिया के सह-प्रमुख, फ्रेडरिक न्यूमैन ने रिपोर्ट में लिखा कि एशिया की बढ़ती संपत्ति का एक लेखा-जोखा उन सामाजिक संसाधनों पर भी प्रकाश डालता है, जो अंततः लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए उपलब्ध हैं। आखिरकार, इस क्षेत्र में पूंजी की शायद ही कमी है, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच और भीतर भले ही यह असमान रूप से वितरित हो।