नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। इस साल फरवरी में सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएमएसवाईएम) की शुरुआत की थी। सरकार ने असंगठित क्षेत्र के वर्कर्स को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए इसकी शुरुआत की थी। एक आंकड़े के मुताबिक 32 लाख से अधिक लोगों ने अब तक इस योजना में खुद को इनरोल कराया है। इस स्कीम से जुड़ने वालों को 60 साल का होने पर 3,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी। 

ये है योजना की खूबियां

पीएमएसवाईएम योजना एक स्वैच्छिक पेंशन योजना है। स्कीम के तहत लाभार्थी अपने खाते में जितने का योगदान करेगा, सरकार भी उसके खाते में अपनी तरफ से उतनी ही रकम का योगदान करेगी। हालांकि यह योगदान इस योजना से जुड़ने वाले के उम्र पर निर्भर करेगी। इस स्कीम के तहत 60 साल का होने के बाद सब्सक्राइबर को 3,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी। अगर 60 साल का होने से पहले ही सब्सक्राइबर की मौत हो जाती है तो उसकी पत्नी के पास योजना के तहत योगदान जारी रखने का विकल्प होगा। आपको पहला सब्सक्रिप्शन नकद में जमा कराना होगा। इसके बाद आपके 60 साल का होने तक रकम खाते से अपने आप कटती जाएगी।

कौन प्राप्त कर सकता है इस योजना का लाभ

महीने में 15 हजार रुपये से कम आय वाले असगंठित क्षेत्र के श्रमिक इस योजना से जुड़ सकते हैं। हालांकि इस योजना को सब्सक्राइब करने वालों की उम्र 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए और अधिकतम आयुसीमा 40 साल है। इसके अलावा आयकर के दायरे में आने वाले लोग, नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस), इम्प्लॉय स्टेट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन स्कीम या इम्प्लॉयज प्रोविडेंट फंड स्कीम के सब्सक्राइबर इस योजना का लाभ नहीं हासिल कर सकते हैं। 

कैसे कर सकते हैं आवेदन

इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए पात्र व्यक्ति को अपने नजदीकी सीएससी केंद्र जाना होगा। इस स्कीम से जुड़ने के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल फोन ले जाने की जरूरत होगी। सीएससी केंद्र पर पंजीकरण पूरा होने पर योजना के तहत एक ऑनलाइन पेंशन नंबर जेनरेट होगा। सीएससी आपको पेंशन स्कीम कार्ड का एक प्रिंट आउट देगी। 

Posted By: Ankit Kumar

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