अगर बिल्डर ने दिया है धोखा तो RERA में बेहिचक कर सकते हैं शिकायत, यहां जानिए पूरी डिटेल
अगर आप बिल्डर द्वारा की गई धोखाधड़ी से परेशान हैं या आप बिल्डर आपको समय से घर नहीं दे रहा है तो आप RERA में शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा भी बहुत सी चीजें हैं जहां रेरा आपकी मदद कर सकता है।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अक्सर देखा जाता है कि बिल्डर आपको घर बेचते समय बड़े-बड़े वादे तो करते हैं, लेकिन जब आपको उस घर का पोजेशन मिलता है तो उसकी हालात देखकर आपके हाथ निराशा ही लगती है। आप सोचने लगते है कि अब बिल्डर के खिलाफ क्या ही किया जा सकता है, लेकिन क्या आपको पता है कि पोजेशन मिलने के बाद भी आप बिल्डर की शिकायत कर सकते है। अगर आपको लगता है कि बिल्डर ने अपना वादा नहीं निभाया है या आपको उस मुताबिक घर बनाकर नहीं दिया जैसा उसने प्रॉमिस किया था तो आपके पास हर मुश्किल का एअचूक समाधान है- रेरा (RERA)।
क्या है रेरा
रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवेलपमेंट) एक्ट 2016 यानी रेरा (RERA) एक ऐसा कानून है, जिसे भारतीय संसद ने पास किया था। रेरा का मकसद रियल एस्टेट सेक्टर में ग्राहकों का निवेश बढ़ाना और उनके हितों की रक्षा करना है। इसको बनाने के पीछे कई कारण जिम्मेदार थे। दरअसल, 2008-09 के बाद रियल स्टेट सेक्टर में उछाल के बाद घर खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी। लेकिन उतनी ही तेजी से घर खरीदारों की शिकायतें भी बढ़ने लगीं। बड़ी संख्या में लोग बिल्डरों की मनमानी का शिकार हुए। कई लोगों के पैसे भी डूबे। ऐसे में ग्राहक को कोर्ट-कचहरी और पुलिस थानों का चक्कर लगाना पड़ता था। रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कोई ठोस नियम-कानून न होने से बिल्डर आमतौर पर बच निकलते थे। आमलोगों की परेशानी को देखते हुए बिल्डरों की जवाबदेही तय करने के लिए रेरा कानून बनाया गया।
क्या है रेरा का मकसद
- खरीदारों के हितों की रक्षा
- रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाना
- धोखाधड़ी के मामलों को काबू में रखना
- पूरे भारत में भवन निर्माण के एक सामान स्तर को लागू करना
- घर खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सही जानकारी का प्रसार करना
- बिल्डर और खरीदार, दोनों पर अधिक से अधिक जिम्मेदारियां डालना
- रियल एस्टेट सेक्टर की विश्वसनीयता बढ़ाना
कब कर सकते हैं रेरा में शिकायत
बिल्डर और खरीदार के बीच ऐसे बहुत से मामले होते हैं जहां विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में ग्राहकों के पास यह अधिकार है कि वह अपने साथ होने वाले किसी भी धोखाधड़ी के लिए में बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत कर सकते हैं। इसके मुख्य रूप से दो आधार हैं, पहला, या तो बिल्डर ने अपना प्रोजेक्ट रेरा में रजिस्टर्ड नहीं करवाया हो और दूसरा, उसने एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसके अलावा ये कुछ पॉइंट्स हैं, जिनमें आप रेरा में अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- अगर बिल्डर ने मकान का नक्शा कुछ और दिखाया और बनाकर कुछ और दिया।
- आपको क्वालिटी दिखाई कुछ और, बेची कुछ और।
- अगर बिल्डर पैसा लेकर भाग गया है।
- अगर बिल्डर तय राशि का भुगतान करने के बाद भी आपसे पैसे मांग रहा है।अगर घर खरीदने के बाद फर्श, टाइल्स टूटने लगें या पेंट छूटने लगे।
रेरा में कैसे करें शिकायत
- ऑनलाइन शिकायत करने के लिए रेरा की वेबसाइट जाएं।
- लॉग इन करने के बाद में शिकायत के ऑप्शन में जाकर अपनी कंप्लेंटऔर एग्रीमेंट पेपर की पीडीएफ बनाकर अपलोड करनी होगी।
- रेरा अथॉरिटी आपके शिकायत की जांच करेगी।
- यह साबित होने पर कि बिल्डर द्वारा एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन किया गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रेरा में शिकायत दर्ज करने के लिए खरीदर को नाम मात्र का शुल्क देना पड़ता है। यह हर राज्य में अलग-अलग है। आमतौर पर रेरा में शिकायत के लिए दो से ढाई हजार रुपये की फीस देनी होती है।
- घर खरीदते समय बिल्डर से किसी प्रकार का मौखिक एग्रीमेंट न करें। सारी चीजें ऑन पेपर हों और सभी शर्तों का साफ-साफ उल्लेख हो, ताकि भविष्य में जब बिल्डर बात से मुकर जाए तब आप रेरा में सबूत पेश कर सकें।
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