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    जयपुर, इंदौर जैसे शहरों में तगड़ी रहेगी Housing Demand; बड़े शहरों में सुस्त पड़ रही बिक्री

    हाउसिंग सेक्टर में अब नए ट्रेंड्स दिख रहा है। टियर 2 और 3 कैटेगरी के शहरों में ज्यादा प्रोजेक्ट लॉन्च हो रहे हैं। 2025 तक नए हाउसिंग डेवलपमेंट में जयपुर इंदौर और कोच्चि जैसे शहरों का हिस्सा 40 फीसदी से अधिक होगा। एक तरफ छोटे शहरों में घर की बिक्री बढ़ रही है तो दूसरी ओर बड़े शहरों में डिमांड घटने का अनुमान है।

    By Jagran News Edited By: Suneel Kumar Updated: Thu, 26 Dec 2024 02:25 PM (IST)
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    नए प्रोजेक्ट में ग्रीन-सर्टिफिकेट इमारतों की हिस्सेदारी 30 फीसदी रहने का अनुमान है।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत में पिछले कुछ समय से आवासीय बाजार (Residential Market) तेजी से बढ़ रहा है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट जेएलएल की लेटेस्ट रिपोर्ट बताती है कि 2024 में मकानों की बिक्री 2023 के मुकाबले 17 फीसदी ज्यादा रही। वहीं, अगले साल 2025 तक देश की जीडीपी में हाउसिंग सेक्टर का योगदान 13 फीसदी होगा।

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    छोटे शहरों में लॉन्च हो रहे ज्यादा प्रोजेक्ट

    सबसे अहम बात यह है कि हाउसिंग सेक्टर में अब नए ट्रेंड्स दिख रहा है। टियर 2 और 3 कैटेगरी के शहरों में ज्यादा प्रोजेक्ट लॉन्च हो रहे हैं। 2025 तक नए हाउसिंग डेवलपमेंट में जयपुर, इंदौर और कोच्चि जैसे शहरों का हिस्सा 40 फीसदी से अधिक होगा। नए प्रोजेक्ट में ग्रीन-सर्टिफिकेट इमारतों की हिस्सेदारी 30 फीसदी रहने का अनुमान है। यह 2020 की तुलना में दोगुना है।

    जेएलएल की रिपोर्ट का कहना है कि 2030 तक देश में 60 फीसदी नए मकान खरीदने वाले मिलेनियल और Zen-G होंगे। इसका मतलब कि 1990 के दशक से लेकर 2000 के दशक में पैदा हुए लोगों की मकान खरीदने में ज्यादा हिस्सेदारी होगी।

    कितने लोगों के पास होगा अपना घर?

    जेएलएल की रिपोर्ट के मुताबिक, शहरीकरण और टेक्नोलॉजी इनोवेशन तेजी से हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं की प्राथमिकता भी बदल रही है। इसका असर 2025 में हाउसिंग मार्केट पर भी दिखेगा। अगले साल शहरों में 72 फीसदी लोगों के पास खुद का मकान होगा। यह 2020 की तुलना में करीब 11 फीसदी का इजाफा है, जब 65 फीसदी शहरी लोग मकान मालिक थे।

    बड़े शहरों में घट रही बिक्री

    एक तरफ छोटे शहरों में घर की बिक्री बढ़ रही है, तो दूसरी ओर बड़े शहरों में डिमांड घटने का अनुमान है। हाउसिंग ब्रोकरेज फर्म एनारॉक का कहना है कि इस साल सात प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री 4 फीसदी तक घट सकती है। यह कम नए प्रोजेक्ट की लॉन्च होने के कारण लगभग 4.6 लाख यूनिट रह जाएगी।

    मूल्य के लिहाज से बिक्री 16 प्रतिशत बढ़कर 5.68 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी। जमीन, मजदूरी और कुछ कच्चे माल की बढ़ती दरों के कारण इस साल सात प्रमुख शहरों में औसत आवास की कीमतों में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

    क्या है बिक्री घटने का कारण

    भारत की प्रमुख हाउसिंग ब्रोकरेज फर्मों में से एक एनारॉक ने 2024 के दौरान बिक्री की मात्रा में गिरावट का कारण आम और विधानसभा चुनावों के बीच नियामक अनुमोदन में देरी के कारण आवास परियोजनाओं के नए लॉन्च में गिरावट को बताया। फिर भी, आवास की कीमतों में बढ़ोतरी ने इस वर्ष के दौरान मूल्य के लिहाज से बिक्री को बढ़ाने में मदद की।

    रियल एस्टेट कंसल्टेंट एनारॉक ने गुरुवार को अपने आवास बाजार के आंकड़े जारी किए, जिसमें 2023 में 4,76,530 इकाइयों की तुलना में 2024 के दौरान सात प्रमुख शहरों में बिक्री में मामूली 4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,59,650 इकाई रह गई।

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