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इस कंपनी को चलाती हैं 70% महिलाएं, जिसके दीवाने हैं दिग्गज ग्लोबल ब्रांड्स; ये अरबपति है मालिक जिसका अनिल कपूर से खास रिश्ता

Published: Tue, 13 Oct 2026 01:49 PM (IST)

शाही एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन हरीश आहूजा, ₹34300 करोड़ की संपत्ति के साथ दुनिया के 1174वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी ...और पढ़ें

शाही एक्सपोर्ट्स के मालिक हैं हरीश आहूजा (AI फोटो)

शाही एक्सपोर्ट्स के मालिक हैं हरीश आहूजा (AI फोटो)

HighLights

  1. हरीश आहूजा शाही एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन

  2. कंपनी की शुरुआत मां सरला आहूजा ने ₹5000 की पूंजी से की

  3. आज शाही एक्सपोर्ट्स भारत की सबसे बड़ी कपड़ा निर्माता है

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कई टेक्सटाइल कंपनियां हैं, जिनमें से एक है शाही एक्सपोर्ट्स (Shahi Exports)। शाही एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन हरीश आहूजा (Harish Ahuja Success Story) हैं, जिनकी सफलता की कहानी काफी दिलचस्प है। बता दें कि आहूजा की नेटवर्थ इस समय करीब 34300 करोड़ रुपये है और वे इस समय दुनिया के 1174वें सबसे अमीर शख्स हैं।
हरीश आहूजा फिल्म एक्टर अनिल कपूर के समधी हैं। अहूजा के बेटे आनंद अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर के पति हैं। आइए जानते हैं हरीश आहूजा की दिलचस्प कहानी।

52 साल पुरानी कंपनी

हरीश आहूजा कोई आम बिजनेस टाइकून नहीं हैं। वह भारत की सबसे बड़ी कपड़े बनाने वाली कंपनी, 'शाही एक्सपोर्ट्स' के मालिक और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। शाही एक्सपोर्ट्स की शुरुआत असल में उनकी माँ, सरला आहूजा ने 1974 में घर से चलने वाले एक छोटे से बिजनेस के तौर पर की थी।

हरीश आहूजा की लीडरशिप

हरीश आहूजा की लीडरशिप में कंपनी ने जबरदस्त कामयाबी हासिल की। कंपनी आज आठ राज्यों में 50 से ज्यादा फैक्ट्रियाँ चलाती है और लगभग 1,00,000 लोगों को रोजगार देती है। शाही एक्सपोर्ट्स की इस वर्कफोर्स में से 70 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी महिलाएं हैं।

कई विदेशी ब्रांड्स हैं क्लाइंट

शाही एक्सपोर्ट्स के कई विदेशी ब्रांड भी क्लाइंट हैं। इनमें कैल्विन क्लाइन, मार्क्स एंड स्पेंसर, यूनिकलो, गैप इंक. और वॉलमार्ट जैसे ग्लोबल ब्रांड्स शामिल हैं, जिन्हें ये कपड़े सप्लाई करती है। अरबपति होने के बावजूद, हरीश आहूजा लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं।

5000 रुपये से कंपनी शुरू की

इस साम्राज्य की नींव किसी कॉर्पोरेट बोर्डरूम में नहीं, बल्कि एक सिलाई मशीन पर रखी गई थी। 1974 में, हरीश की माँ सरला आहूजा ने फैक्ट्री में सिलाई ऑपरेटर की नौकरी छोड़कर दिल्ली में अपने घर से ही सिर्फ ₹5,000 की शुरुआती पूंजी के साथ कपड़े सिलने का काम शुरू किया।
उनका मुख्य मकसद समाज की भलाई से जुड़ा था - अपने आस-पास की जरूरतमंद महिलाओं को पक्की कमाई, हेल्थकेयर और बच्चों की देखभाल की सुविधा देना।

कब जुड़े हरीश?

1990 के दशक में हरीश और उनके भाई सुनील इस बिजनेस से जुड़े और इसे एक छोटे से लोकल वर्कशॉप से बदलकर वर्टिकली इंटीग्रेटेड ग्लोबल एक्सपोर्टर बना दिया। हरीश आहूजा की रणनीतिक देखरेख में, शाही एक्सपोर्ट्स ने बहुत ज्यादा कॉम्पिटिशन वाली इंटरनेशनल फैशन सप्लाई चेन में अपनी मजबूत जगह बनाई।

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