जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अब गैर ब्रांडेड अनाज से लेकर दही, लस्सी और छाछ पर भी जीएसटी चुकाना होगा। टेट्रा पैक वाली वस्तुओं पर पहले के मुकाबले अधिक जीएसटी देना होगा। घूमने जाने के दौरान 1000 रुपये से कम किराये वाले कमरों पर भी जीएसटी लगेगा। अस्पताल में इलाज के दौरान 5,000 रुपये से अधिक किराये वाला कमरा लेने पर भी जीएसटी देना होगा। इसके अलावा दर्जनों अन्य आइटम की जीएसटी दरों में भी बढ़ोतरी की गई और ये सारी वस्तुएं अब पहले के मुकाबले महंगी हो जाएंगी।

सोने के मूवमेंट पर ई-वे बिल का रास्ता साफ

बैठक में दो लाख रुपये से अधिक कीमत के सोने के मूवमेंट पर अब ई-वे बिल देना पड़ सकता है। सभी राज्य इसे लागू करने के लिए अपने-अपने हिसाब से स्वतंत्र होंगे।

ये आइटम होंगे महंगे

  • कटिंग ब्लेड वाली छूरी, चम्मच, फोर्क, स्किमर्स, केक सर्वर्स, एलईडी लैंप, लाइट, सर्किट बोर्ड, विभिन्न प्रकार के पंप, पवन चक्की, सोलर वाटर हीटर, सब्जी-फल, दूध की साफ-सफाई से जुड़ी मशीन। इन उत्पादों पर अब 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
  • चमड़े जुड़े जाब वर्क पर अब पांच की जगह 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा
  • ईंट बनाने के काम पर भी पांच की जगह 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा
  • सड़क, पुल, मेट्रो जैसे कार्य के अनुबंध पर अब 12 की जगह 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा
  • चेक लेने पर अब 18 प्रतिशत जीएसटी देना होगा
  • विभिन्न प्रकार की पोस्टल सेवा पर भी अब जीएसटी देना होगा
  • 1000 रुपये से कम किराये वाले कमरे पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा
  • 5000 रुपये से अधिक किराये वाले अस्पताल के कमरे पर पांच प्रतिशत जीएसटी

ये उत्पाद हुए सस्ते

  • बीमारी के इलाज में मल-मूत्र निकालने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण
  • हड्डी टूटने के इलाज में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण
  • मलेरिया भगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा पर अब कोई आइजीएसटी नहीं
  • रोपवे से आने-जाने पर अब 18 की जगह पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा

जरूरी दवा की जीएसटी दरों में राहत

हालांकि आपरेशन से जुड़े कई आइटम और जरूरी दवा की जीएसटी दरों में राहत दी गई है। ये सारे फैसले चंडीगढ़ में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक में किए गए। आगामी 18 जुलाई से जीएसटी दरों में बदलाव के सभी फैसले प्रभावी होंगे। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को तर्कसंगत बनाने के लिए जीएसटी दरों में यह बदलाव किया गया है।

जीएसटी चोरी को रोकना है लक्ष्‍य

खाद्य उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की प्रमुख वजह गैर ब्रांडेड के नाम पर जीएसटी चोरी को रोकना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव सभी राज्यों की सहमति से किए गए हैं।

कैसिनो और हार्स रेस पर नहीं हो सका फैसला

कैसिनो, हार्स रेस, आनलाइन गेमिंग और लाटरी पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने पर मंत्रियों के समूह (जीओएम) की रिपोर्ट पर कोई फैसला नहीं किया गया। इस मसले पर जीओएम फिर से आगामी 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। अगस्त के पहले सप्ताह में जीएसटी काउंसिल की मदुरै में होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर फैसला किया जाएगा।

जीएसटी क्षतिपूर्ति पर भी नहीं बनी बात

बैठक में राज्यों की क्षतिपूर्ति जारी रखने पर कोई फैसला नहीं हो सका। 17 राज्यों की तरफ से क्षतिपूर्ति पर अपने-अपने विचार रखे गए। राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, पश्चिम बंगाल जैसे राज्य दो से पांच साल तक क्षतिपूर्ति बढ़ाने की मांग कर रहे थे तो कुछ राज्यों ने अपने पैरों पर खड़े होने की दलील देते हुए क्षतिपूर्ति समाप्ति पर अपनी सहमति जाहिर की। इस साल 30 जून को जीएसटी प्रणाली की शुरुआत के पांच साल पूरे हो रहे है और व्यवस्था के मुताबिक राज्यों की क्षतिपूर्ति जुलाई से समाप्त हो जाएगी। जीएसटी स्लैब में बदलाव पर कोई चर्चा नहीं की गई।

Edited By: Krishna Bihari Singh