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    सरकारी राशन दुकानों का होगा कायाकल्प, अब ‘जन पोषण केंद्र’ के रूप में मिलेगी नई पहचान

    Jan Poshan Kendra भारत सरकार ने राशन दुकानों के लिए पायलट परियोजना शुरू की है। यह परियोजना राशन दुकानों को ‘जन पोषण केंद्र’ बनाने के लिए शुरू किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य एफपीएस डीलर्स को लाभ देना और लोगो के लिए ज्यादा प्रोडक्ट मुहैया करवाना है। इस पायलट परियोजना के लॉन्च के साथ खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने ‘मेरा राशन’ ऐप का अपग्रेड वर्जन भी पेश किया।

    By Agency Edited By: Priyanka Kumari Updated: Tue, 20 Aug 2024 04:36 PM (IST)
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    अब राशन की दुकानों के आएंगे अच्छे दिन

    पीटीआई, नई दिल्ली। सरकार राशन दुकानों का कायाकल्प बदलने वाली है। आज खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि सरकार द्वारा पायलट परियोजना की शुरुआत होने वाली है। इसमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना में 60 उचित दर दुकानों (FPS) को ‘जन पोषण केंद्र’ के रूप में बदला जाएगा।

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    इस पायलट परियोजना का उद्देश्य लोगों के लिए पोषण युक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता करवाना और एफपीएस डिलीर्स को ज्यादा लाभ देना। आपको बता दें कि एफपीएस को ही राशन की दुकानें कहते हैं।

    राशन दुकान पर मिलेगा दूध

    ‘जन पोषण केंद्र’ परियोजना में राशन दुकान पर अनाज के अलावा कई प्रोडक्ट्स मिलेंगे। सरकार एफपीएस डीलर को सब्सिडी वाले अनाज के साथ कई प्रोडक्ट्स रखने की अनुमति देते हैं। अब इन दुकानों पर बाजरा, दालें, डेयरी प्रोडक्ट और दैनिक जरूरत के सामान भी मिलेंगे। प्रोडक्ट्स में आई विविधता आ जाने से एफपीएस डीलर की कमाई के नए सोर्स भी खुल जाएंगे।

    खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पायलट परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा था कि यह बदलाव ग्राहक और डीलर्स दोनों के लिए फायदेमंज होगी।

    एफपीएस डीलर्स को होगा फायदा

    प्रल्हाद जोशी ने बताया कि इस परियोजना का लाभ एफपीएस डीलर्स को होगा। खाद्य मंत्री ने बताया कि कई क्षेत्र में यह दुकानें सिर्फ 8-9 दिन के लिए खुलती है, वहीं कई क्षेत्र में तीन महीने में केवल एक बार ही दुकाने खुलती है। इसका मतलब है कि ज्यादातर समय दुकानें बंद रहती है।

    ज्यादा समय तक दुकान बंद रहने की वजह से एफपीएस डीलर को ज्यादा लाभ नहीं होता है। मौजूदा कमीशन संरचना अपर्याप्त पर प्रल्हाद जोशी ने जोर दिया। पायलट परियोजना शुरू हो जाने से एफपीएस डीलर्स के सामने कई वैकल्पिक तरीके आ जाएंगे।

    पायलट परियोजना के साथ जोशी ने ‘मेरा राशन’ ऐप का अपग्रेड वर्जन भी पेश किया है।

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    5 लाख से ज्यादा राशन की दुकानें

    खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बताया कि पूरे भारत में लगभग 5.38 लाख राशन की दुकानें है। इसके अलावा उन्होंने एफपीएस डीलरों के लिए आसान ऋण की सुविधा के लिए सिडबी के साथ सहयोगात्मक प्रयासों और उद्यमिता प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कौशल विकास मंत्रालय के साथ साझेदारी पर प्रकाश डाला।

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