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    Rs 2000 Note: दो हजार के नोटों का भविष्य सरकार करेगी तय, वित्त मंत्रालय के हाथ में है वैधता का फैसला

    By Jagran NewsEdited By: Sonu Gupta
    Updated: Sat, 20 May 2023 08:25 PM (IST)

    आरबीआइ के निर्देश के बाद बैंक अगले मंगलवार से आम जनता से दो हजार के नोटों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। हालांकि 30 सितंबर के बाद दो हजार के नोटों का भविष्य क्या होगा उन्हें प्रचलन में रखा जाएगा या नहीं इसका अंतिम फैसला केंद्र सरकार करेगी।

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    दो हजार के नोटों का भविष्य सरकार करेगी तय। फाइल फोटो।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आरबीआइ के निर्देश के बाद बैंक अगले मंगलवार से आम जनता से दो हजार के नोटों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। वैसे शनिवार को ही बैंक शाखाओं में दो हजार रुपये के नोट अपने बैंक खाते में जमा कराने वालों की भीड़ आनी शुरू हो गई है। लेकिन 30 सितंबर, 2023 के बाद दो हजार के नोटों का भविष्य क्या होगा, उन्हें प्रचलन में रखा जाएगा या नहीं इसका अंतिम फैसला केंद्र सरकार करेगी।

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    केंद्र सरकार करती है प्रचलित मुद्रा को प्रचलन से बाहर करने का फैसला

    मौजूदा नियमों के मुताबिक, किसी प्रचलित मुद्रा को प्रचलन से बाहर करने का फैसला केंद्र सरकार ही करती है। हां, बाजार से कितनी राशि वापस बैंकिग सिस्टम में वापस लौटते हैं इसको देखते हुए आरबीआइ आम जनता को और ज्यादा वक्त दे सकता है यानी नोट खाता में जमा कराने या उसके बदले दूसरे नोट बैंक शाखा से लेने की समय सीमा बाद में बढ़ाई जा सकती है।

    बैंकों में आने लगी ग्राहकों की भीड़

    बैंकिंग उद्योग के अधिकारियों ने बताया कि दो हजार के नोटों को लेकर शुक्रवार देर शाम आरबीआइ की तरफ से जारी निर्देश अगले मंगलवार से लागू होने हैं लेकिन शनिवार को ही बैंक शाखाओं में ग्राहकों की भीड़ आनी शुरू हो गई है। ये ग्राहक अपने बैंक खाते में दो हजार के नोट जमा कराने के लिए आए हैं। सोमवार को भी इनकी संख्या और बढ़ने की संभावना है। दो हजार के नोटों के बदले दूसरे नोट हासिल करने का काम 23 मई से शुरू होगा। उसके बाद ग्राहकों की भीड़ बढ़ने की संभावना है।

    RBI बड़ी संख्या में नोटों को कर चुका है बाहर

    मालूम हो कि इस बात की कोई संभावना नहीं है कि नवंबर, 2016 के नोटबंदी जैसे हालात होंगे। वजह यह है कि तब सिस्टम में प्रचलित 87 फीसद नोटों को सिस्टम से बाहर करने की कोशिश की गई थी, जबकि इस बार सिर्फ 11 फीसद नोटों (सर्कुलेशन में दो हजार नोटों का हिस्सा) को ही बदला जा रहा है। केंद्रीय बैंक सुनियोजित तरीके से पिछले तीन वर्षों में पहले ही सिस्टम से दो हजार रुपये के नोटों की बड़ी संख्या बाहर कर चुका है।

    पूरी निगरानी में होगी नोटों के बदलने की प्रक्रिया

    वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि दो हजार रुपये के नोटों के बदलने की प्रक्रिया की पूरी निगरानी होगी और सारे रिकार्ड रखे जाएंगे। वर्ष 2016 के नोटबंदी के दौरान जो रिकार्ड रखे गये थे उससे आय कर विभाग की एजेंसियों को काफी मदद मिली थी। जहां तक 30 सितंबर के बाद की स्थिति का सवाल है तो इस बारे में समय आने पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। अभी आरबीआइ का निर्देश पूरी तरह से स्पष्ट है कि जिसके पास भी दो हजार रुपये के नोट हैं उन्हें निर्धारित अवधि तक इसे बैंक में वापस करना होगा। उसके बाद का फैसला जो स्थिति बनेगी उसके आधार पर होगा।

    वैध बने रहेंगे नोट

    मालूम हो कि दो हजार के नोट वैध रहते हैं या नहीं इसका फैसला सिर्फ वित्त मंत्रालय ही कर सकता है। शुक्रवार को आरबीआइ के निर्देश में साफ तौर पर कहा है कि दो हजार के नोट वापस लिये जाएंगे लेकिन ये बतौर नोट वैध बने रहेंगे।