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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

LIC के शेयरों में लगातार गिरावट से सरकार परेशान, मूल्य बढ़ाने के लिए कर रही ये प्लान

By Sarveshwar PathakEdited By:
Published: Sat, 11 Jun 2022 10:29 AM (IST)Updated: Sun, 12 Jun 2022 09:27 AM (IST)

सरकार की ओर से LIC का आईपीओ लॉन्च किया गया था लेकिन इसके शेयर में लगातार गिरावट देखी जा रही ...और पढ़ें

LIC के शेयर गिरने से परेशान है सरकार
LIC के शेयर गिरने से परेशान है सरकार

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। जीवन बीमा निगम (एलआईसी) 17 मई को शेयर बाजार में 872 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ था। सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के बाद एलआईसी के शेयरों का निर्गम मूल्य 949 रुपये तय किया था, जिसे लगभग 3 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। हालांकि, लिस्टिंग के दिन से एलआईसी के शेयर इश्यू प्राइस से नीचे बने हुए हैं। एलआईसी के शेयर में उतार चढ़ाव का दौर जारी है। एलआईसी के शेयर ने अब तक 708.70 रुपये के निचले स्तर और 920 रुपये के उच्च स्तर को छुआ है।

शेयर मूल्य में आई गिरावट से बढ़ी चिंता

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि हम एलआईसी के शेयर मूल्य में आई गिरावट को लेकर बहुत चिंतित हैं, यह गिरावट अस्थायी है। लोगों को एलआईसी की मूलभूत बातों को समझने में वक्त लगेगा। एलआईसी का मैनेजमेंट इन सभी पहलुओं को देखेगा और शेयर होल्डर्स के लिए मूल्य बढ़ाएगा।

बीएसई पर शुक्रवार को एलआईसी का शेयर 709.70 रुपये पर बंद हुआ था। एलआईसी के शेयरों में तेजी की संभावना के बारे में बताते हुए एक अधिकारी ने कहा कि मार्च के अंत में एंबेडेड वैल्यू (ईवी) बीमाकर्ता की बेहतर तस्वीर पेश करेगी। अधिकारी ने कहा कि एलआईसी जून के अंत तक अपने ईवी को अपडेट करेगी। सेबी के पास दाखिल किए गए ड्राफ्ट पेपर्स के मुताबिक सितंबर 2021 के अंत में एलआईसी का ईवी 5.39 लाख करोड़ रुपये से अधिक था।

अधिकारी ने कहा कि बीमा कंपनियों के भविष्य के विकास की दर का आकलन ईवी के माध्यम से किया जा सकता है, क्योंकि मार्च के अंत में ईवी की डिमांड काफी बढ़ गई है, जिससे बाजार में नए ग्राहकों की संख्या भी बढ़ी है। बता दें कि सरकार ने पिछले महीने आईपीओ के जरिए एलआईसी में 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर करीब 20,500 करोड़ रुपये जुटाए थे।