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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

G-20 Summit में Cryptocurrency के नियमों पर हुई चर्चा, IMF-FSB ने जारी किया विनियम सुझाव

By Priyanka KumariEdited By: Priyanka Kumari
Published: Sun, 10 Sep 2023 05:55 PM (IST)

Crypto Regulations आज जी-20 शिखर सम्मेलन 2023 समाप्त हो गया है। इस सम्मेलन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई ...और पढ़ें

G-20 Summit में Cryptocurrency के नियमों पर हुई चर्चा
G-20 Summit में Cryptocurrency के नियमों पर हुई चर्चा

HighLights

  1. भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी नियमों को लागू कर सकता है।
  2. देश कई एसेट पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। आज जी-20 शिखर सम्मेलन की समाप्ति हो गई है। इस सम्मेलन में भारत अन्य देशों के साथ कई मुद्दों पर व्याप्क चर्चा की है। इन चर्चा के बाद उम्मीद की जा रही है कि भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी नियमों को लागू कर सकता है। इसके अलावा कई एसेट पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले आईएमएफ और वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी) ने क्रिप्टोकरेंसी से हो रहे जोखिम से निपटने के लिए एक समन्वित वैश्विक नीति कार्रवाई को लेकर मजबूत मामला बनाया था। इस पर उन्होंने कहा था कि अभी इस पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। इन्होंने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक रोडमैप तैयार किया है। इसमें इन्होंने नियमों को लेकर सुझाव दिया है।

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर देश इस को लेकर सख्त विनियम बनाना चाहता है तो वह प्रतिबंध को लेकर विनियम तैयार कर सकता है। इसके आगे उन्होंने बताया कि जी-20 सम्मेलन में इस क्रिप्टोकरेंसी के नियमों को लेकर समर्थन मिला है।

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क्रिप्टोकरेंसी के लिए बनेगा नियम

भारत में टैक्स चोरी और मनी लाउंडरिंग के लिए क्रिप्टोकरेंसी का काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है। देश के केंद्रीय बैंक यानी आरबीआई ने बिटकॉइन और ईथर जैसी क्रिप्टोकरेंसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है। उनका मानना है कि है कि यह करेंसी जुए के समान है।

देश के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी भी देश के लिए क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाना मुश्किल होगा। इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए पूरे देश की सहमति होना काफी जरूरी है। इसके लिए सभी देशों को आईएमएफ-एफएसबी पेपर में उल्लिखित विनियमों का पालन करना होगा।

जी-20 सम्मेलन में क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने को लेकर सभी देशों को कहा गया था कि अगर इस पर सभी देश प्रतिबंध लगाना चाहते हैं कि तो आगे बढ़ें। अगर कोई देश प्रतिबंध नहीं लगाता है तो एक देश के लिए इस पर प्रतिबंध लगाना बेहद मुश्किल होगा। क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध के लिए हमें धीरे-धीरे फैसला लेना पड़ेगा। इस पर फैसला लेना आसान नहीं है।

विश्व बैंक और आईएमएफ की 2023 की वार्षिक बैठक

जी20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की चौथी बैठक 9-15 अक्टूबर तक विश्व बैंक और आईएमएफ की 2023 वार्षिक बैठकों के मौके पर मोरक्को के माराकेच में होने वाली है। क्रिप्टोकरेंसी का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिलता है। यह डिपॉजिटरी और क्लियरिंग सिस्टम के रूप में कार्य करता है।

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नियमन का उद्देश्य यह है कि जोखिम को अच्छी तरह से प्रबंधित किया जाए। कोई भी देश जो महसूस करता है कि उनके पास अधिक जोखिम है, तो वह कई एसेट पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। अगर सभी देश समान विनियमन पर सहमत होते हैं तो कोई मध्यस्थता नहीं होगी।

आईएमएफ-एफएसबी ने अपने पेपर में कहा था कि उसका प्रस्तावित विनियमन "समान गतिविधि, समान जोखिम, समान विनियमन" के सिद्धांत को लागू करता है।

 

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