नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को जानकारी दी कि चालू वित्त वर्ष में अगस्त तक देश का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) निर्धारित किए बजट अनुमान का 32.6 प्रतिशत हो गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 31.1 प्रतिशत पर था।

सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल- अगस्त 2022 की अवधि तक देश का राजकोषीय घाटा 5,41,601 करोड़ रुपये रहा है। राजकोषीय घाटा किसी भी देश की आय और व्यय के बीच में अंतर को कहा जाता है। राजकोषीय घाटे को बाजार से सरकार की उधारी का एक सूचकांक माना जाता है।

टैक्स कलेक्शन

कंट्रोलर जनरल ऑफ एकाउंट्स (CGA) की ओर से जारी किए गए डेटा के अनुसार, सरकार की कुल प्राप्तियां 8.48 लाख करोड़ रुपये या फिर वित्त वर्ष 2022-23 के बजट अनुमान का 37.2 प्रतिशत है। पिछले साल समान अवधि में वित्त वर्ष 2021-22 के बजट अनुमान का 40.9 प्रतिशत था। कर आय 7 लाख करोड़ रुपये रही है, जो कि बजट अनुमान का 36.2 प्रतिशत है।

इस वित्त वर्ष की शुरुआत से अब तक केंद्र सरकार ने अब तक 13.9 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं जो कि वित्त वर्ष 2022-23 के बजट अनुमान का 35.2 प्रतिशत है।

राजकोषीय घाटे का लक्ष्य

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 16.61 लाख करोड़ रुपये रखा है, जो कि जीडीपी का 6.4 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष की शुरुआत से अगस्त तक देश का पूंजीगत खर्च बजट के लक्ष्य का 33.7 प्रतिशत पर पहुंच गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 31 प्रतिशत था।

ये भी पढ़ें-

बेंगलुरु में शुरू हुआ स्वदेशी सरकारी ई-कॉमर्स प्लेटफार्म ONDC; ग्रॉसरी, फूड के अलावा मिलेगा और भी बहुत कुछ

त्योहारों में महंगे कर्ज का उठाना पड़ेगा बोझ, बैंकों के पास इसके अलावा कोई चारा नहीं

Edited By: Abhinav Shalya

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट