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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्पेक्ट्रम की रेस में दौड़ेंगी ये 8 कंपनियां

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Published: Thu, 30 Jan 2014 09:27 AM (IST)

अब यह तय हो गया है कि अगले महीने होने वाली स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अब यह तय हो गया है कि अगले महीने होने वाली स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों के बीच जबरदस्त होड़ मचेगी। बोली प्रक्रिया से हटने की बुधवार को अंतिम तारीख थी। जिन आठ कंपनियों ने तीन फरवरी से होने वाली नीलामी में हिस्सा लेने के लिए आवेदन किया था उनमें से किसी ने अपने नाम वापस नहीं लिए हैं।

जो कंपनियां मैदान में हैं उनमें वोडाफोन, भारती एयरटेल, एयरसेल, आइडिया सेलुलर, टाटा टेलीसर्विसेज, रिलायंस जियो, रिलायंस कम्यूनिकेशंस,टेलिविंग्स कम्युनिकेशंस शामिल हैं। सरकार को उम्मीद है कि इन कंपनियों के बीच बोली में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा होगी और अच्छा खासा राजस्व मिलेगा।

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दूरंसचार विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक देश के कुछ सर्किलों में कुछ कंपनियां बोली नहीं लगाएंगी। इनके लिए इन्होंने आवेदन नहीं किया है। जैसे वोडाफोन ने सात और रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने आठ सर्किलों के लिए आवेदन नहीं किया है। इन जगहों पर इनके पास पहले से पर्याप्त स्पेक्ट्रम हैं। अधिकांश कंपनियों के आवेदन सही पाए गए हैं।

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रिलायंस जियो की तरफ से दूरसंचार विभाग (डॉट) के पास 2,596.25 करोड़ रुपये, एयरटेल ने 3,700.25 करोड़ रुपये और वोडाफोन ने 2,800 करोड़ रुपये ने बैंक गारंटी के तौर पर जमा करवाए हैं। डॉट की तरफ से जितने स्पेक्ट्रम बेचने का प्रस्ताव किया गया है उनका न्यूनतम आधार मूल्य 48,685 करोड़ रुपये है।

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सरकार को उम्मीद है कि पहले वर्ष के दौरान ही स्पेक्ट्रम बिक्री से उसे कम से कम 11,300 करोड़ रुपये मिलेंगे। नीलामी के नियमों के मुताबिक कंपंनियों को बोली की राशि का कुछ हिस्सा पहले वर्ष में और शेष राशि अगले 10 वर्षो के भीतर बराबर किस्त में देनी है।