नई दिल्ली। कारों की बिक्री में लगातार आठवें महीने गिरावट से परेशान ऑटो उद्योग ने अब सरकार से मदद की गुहार लगाई है। वाहन उद्योग के संगठन सियाम ने सरकार से राहत पैकेज की मांग की है। जून में कारों की बिक्री नौ फीसद घटी है। इस दौरान घरेलू बाजार में कुल बिक्री 1,39,632 इकाई रही है। पिछले साल के समान माह में यह बिक्री 1,53,450 इकाई थी।

चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-जून तिमाही में कारों की बिक्री सियाम के अप्रैल में जारी किए गए अनुमान से काफी कम रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस तिमाही में कारों की बिक्री 10.41 फीसद घटी है, जबकि उद्योग ने तीन से पांच फीसद की गिरावट का अनुमान लगाया था। दोपहिया वाहनों की बिक्री इस दौरान 0.82 फीसद और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 8.12 फीसद घटी है।

सियाम के प्रेसीडेंट एस शांडिल्य ने कहा कि सुस्त आर्थिक विकास, ऊंची ब्याज दर और महंगे ईधन के कारण उपभोक्ता माहौल कमजोर बना हुआ है। सरकार को हालात पर विचार करने और ऑटो उद्योग को प्रोत्साहन पैकेज देने की जरूरत है, ताकि ऊंची विकास दर हासिल करने में मदद मिल सके। सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने कहा कि वर्ष 2008-09 की आर्थिक सुस्ती के समय दिए गए प्रोत्साहन पैकेज की तरह ऑटो उद्योग को फिर से राहत दी जाए। तब पैकेज के तहत दोपहिया वाहनों, छोटी कारों और वाणिज्यिक वाहनों पर उत्पाद शुल्क घटाकर आठ फीसद किया गया था। हालांकि, उद्योग संगठन ने इस पैकेज का प्रस्ताव अभी सरकार को नहीं सौंपा है।

जून में मारुति सुजुकी की घरेलू बिक्री 8.17 फीसद घटकर 65,172 कार रह गई। हुंडई मोटर्स की बिक्री मामूली बढ़ोतरी के साथ 30,577 कार हो गई। वहीं टाटा मोटर्स की बिक्र 29.7 फीसद लुढ़ककर 9,628 कार हो गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री भी इस महीने 17.17 फीसद घटकर 15,916 इकाई रह गई। माथुर ने कहा कि एसयूवी पर उत्पाद शुल्क 27 फीसद से बढ़ाकर 30 फीसद किए जाने से इस सेगमेंट की बिक्री में खासी गिरावट आई है।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस