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    UPI, Paytm और PhonePe से कितनी अलग है Digital Currency, जानिए इसके बारे में सब कुछ

    बैंक से डिजिटल रुपया खरीदने के बाद आप ब्लॉकचेन बेस्ड डिजिटल करेंसी की तरह उसकाइस्तेमाल कर सकेंगे। अभी इसके बहुत से फीचर्स सामने नहीं आए हैं लेकिन यह तय है कि डिजिटल करेंसी बिना किसी बैंक खाते के लेन-देन में सहायता करेगी।

    By Siddharth PriyadarshiEdited By: Updated: Thu, 01 Dec 2022 07:54 AM (IST)
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    How different is Digital Currency from UPI, Paytm, PhonePe and Google Pay

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Digital Rupee: देश की डिजिटल करेंसी लॉन्च हो गई है। आरबीआई ने पिछले महीने इस करेंसी के पायलट प्रोजेक्ट की थोक कारोबार के लिए शुरुआत की थी। अब इसे फुटकर व्यापार में आजमाने की तैयारी है। पिछले कुछ समय से भारत में ऑनलाइन भुगतान के माध्यम लोगों के बीच खासे लोकप्रिय हुए हैं। Paytm से लेकर PhonePe और UPI से लेकर Google Pay तक न जाने कितने ऑनलाइन पेमेंट ऑप्शन मौजूद हैं। ऐसे में अहम सवाल यह है कि जब इतने सारे ऑनलाइन पेमेंट के विकल्प मौजूद हैं और वो बेहतर काम भी कर रहे हैं तो फिर डिजिटल रुपया लाने की जरूरत ही क्यों पड़ी। क्यों खास है डिजिटल करेंसी (Digital Currency) और यह UPI या किसी पेमेंट ऐप से कितनी अलग है?

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    डिजिटल करेंसी की खासियत

    डिजिटल रुपये का उपयोग यूपीआई, एनईएफटी, आरटीजीएस, आईएमपीएस, डेबिट/क्रेडिट कार्ड आदि के माध्यम से किए गए भुगतानों के समान डिजिटल भुगतान करने के लिए किया जाएगा। सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) या डिजिटल रुपये का उपयोग यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT), रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) की तरह ही डिजिटल पेमेंट के लिए करने के लिए किया जाएगा।

    खुदरा डिजिटल रुपए का चलन फिलहाल देश के चार शहरों से शुरू किया जा रहा है। ये हैं मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर। अगले चरण में अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला जैसे शहरों में डिजिटल रुपये का चलन शुरू होगा। डिजिटल रुपये को बैंक जारी करेंगे। फिलहाल पहले चरण में भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फ‌र्स्ट बैंक देश के चार शहरों में खुदरा डिजिटल रुपया जारी करेंगे। अगले चरण में बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक को भी इस पायलट प्रोजेक्ट से जोड़ दिया जाएगा।

    यूपीआई, पेटीएम और फोनपे से कितनी अलग

    पारंपरिक ऑनलाइन लेन-देन में, प्रत्येक बैंक का अपना व्यक्तिगत हैंडलर होता है, लेकिन डिजिटल मुद्रा का संचालन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाएगा, इसलिए इसमें लेन-देन प्रत्यक्ष और निपटारा तुरंत होगा। UPI, फोनपे, पेटीएम और गूगलपे जैसे ऐप से आप डिजिटल माध्यम से भुगतान जरूर करते हैं, लेकिन इसे डिजिटल करेंसी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि इसमें जिस पैसे का लेन-देन किया जाता है, वह एक तरह की फिजिकल करेंसी ही होती है। आपके खाते में जो पैसा होता है, उसी के जरिए आप लेन-देन करते हैं। यूपीआई भुगतान एक बैंक से दूसरे बैंक में होता है जबकि डिजिटल रुपये से होने वाला भुगतान, नकद भुगतान की तरह है।

    मतलब यह है कि मौजूदा फिजिकल करेंसी के समान UPI पेमेंट के लिए भी पैसे का ही इस्तेमाल किया जाता है। जबकि डिजिटल रुपया एक तरह से वॉलेट की तरह काम करेगा, इसके लिए किसी करेंसी की जरूरत नहीं है। इसका इस्तेमाल करेंसी के बदले डिजिटल भुगतान के लिए किया जा सकेगा।

    आरबीआई करेगा निगरानी

    डिजिटल रुपये को सीधा बैंक जारी करेंगे और इन्हें ऑपरेट भी इन्हीं के द्वारा किया जाएगा, जबकि इनके नियम बनाने और सुपरविजन की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक की होगी। कुल मिलकर देखें तो रिजर्व बैंक के डायरेक्ट हस्तक्षेप के कारण इनमें किसी हेर-फेर की गुंजाइश कम ही लग रही है।

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