जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पांच राज्यों में चल रहे विधान सभा चुनाव के बावजूद सरकार ने तेल कंपनियों को इस बार डीजल कीमत बढ़ाने से नहीं रोका है। कंपनियों ने शनिवार आधी रात से देश भर में डीजल 50 पैसे प्रति लीटर महंगा कर दिया। राज्यों में करों की भिन्नता के चलते यह बढ़ोतरी अलग-अलग होगी।

दिल्ली में डीजल के दाम कर सहित 57 पैसे बढ़कर 53.57 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि इस वृद्धि के बावजूद डीजल पर उन्हें फिलहाल 9.99 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है।

पेट्रोल की कीमत में राहत पाने की उम्मीद लगाने वालों को निराशा हाथ लगी है, क्योंकि तेल कंपनियों ने इसकी कीमत को नहीं बदला है। पिछले तीन-चार दिनों में कच्चे तेल (क्रूड) की कीमतों में नई तेजी को देखते हुए तेल कंपनियों ने पेट्रोल को सस्ता करने की योजना को टाल दिया है। इन कंपनियों को कहना है कि उन्हें अभी रसोई गैस पर 542.50 रुपये प्रति गैस सिलेंडर और केरोसिन पर 36.20 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है।

इस तरह से तेल कंपनियों को चालू वित्त वर्ष के दौरान 1,39,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। इसका एक बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार उठाएगी।