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    Delhivery Share: सातवें आसमान से गिरे इस कंपनी के शेयर, एक दिन में निवेशकों के डूबे अरबों रुपये

    By Siddharth PriyadarshiEdited By:
    Updated: Fri, 21 Oct 2022 01:10 PM (IST)

    Delhivery के शेयरों में गुरुवार को गिरावट का दौर शुरू हुआ। शुक्रवार को भी शेयर में गिरावट जारी रही और शुरुआती कारोबार में यह 18.87% की गिरावट के साथ 382.25 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। कंपनी का शेयर अब 487 रुपये के आईपीओ मूल्य से नीचे है।

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    Delhivery stock hits all time low, down more than 30% in two days

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। नए जमाने की लॉजिस्टिक्स फर्म डेल्हीवरी (Delhivery) के शेयरों में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। बीएसई पर डेल्हीवरी के शेयरों के दाम में 18% की गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को फर्म का ग्रोथ आउटलुक जारी होने के बाद शेयरों के दाम में 15% की गिरावट आई थी।

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    कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग ने कहा है कि हाल के दिनों में कंपनी के ग्रोथ आउटपुट पर ऊंची मुद्रास्फीति के चलते नकारात्मक असर दिखने की आशंका है। कंपनी ने यह भी उम्मीद जताई है कि शेष वित्तीय वर्ष के लिए कंपनी के शिपमेंट में निम्न से मध्यम वृद्धि होगी।

    निवेशकों के डूबे अरबों रुपये

    डेल्हीवरी के शेयर गुरुवार को बीएसई पर पिछले बंद की तुलना में लगभग 18% नीचे यानी 386.70 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद से यह डेल्हीवरी के स्टॉक का सबसे खराब लेवल है। इसके शेयर में अब तक कि यह सबसे बड़ी गिरावट है। इसको देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि निवेशकों के अरबों रुपये डूब गए हैं।

    दो दिन में हुआ इतना नुकसान

    डेल्हीवरी के शेयर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। अगर दो दिन की गिरावट को ध्यान में रखा जाए तो कंपनी के शेयर अब तक 30% डूब चुके हैं। डेल्हीवरी अब अपने आईपीओ मूल्य से नीचे कारोबार कर रही है।

    क्या है कंपनी का अनुमान

    कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा है कि शिपमेंट वॉल्यूम में वृद्धि तीसरी तिमाही में अधिक होगी। शेष वित्तीय वर्ष के दौरान शिपमेंट वॉल्यूम में मध्यम वृद्धि की उम्मीद है। आपको बता दें कि डेल्हीवरी के शेयरों में गिरावट होने से लॉजिस्टिक सेक्टर में मंदी का डर का सताने लगा है। यह ई-कॉमर्स स्पेस में सबसे बड़ा थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स प्लेयर है। त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खपत और मांग को देखते हुए यह समय लॉजिस्टिक कंपनियों के लिहाज से कमाई का सीजन होता है।

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