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    बोकारो से गए लंदन, फॉरेन एजुकेशन में जो मुश्किलें देखीं उससे मिला बिजनेस आइडिया, अब ला रहे 860 करोड़ का IPO

    Crizac IPO: क्रिज़ैक लिमिटेड का आईपीओ 2 जुलाई से ओपन होने वाला है। इस पब्लिक इश्यू का साइज 860 करोड़ रुपये है और यह 4 जुलाई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। कंपनी के बिजनेस मॉडल, ग्रोथ और सक्सेस स्टोरी को लेकर दैनिक जागरण ने कंपनी के प्रमोटर विकास अग्रवाल और मनीष अग्रवाल से खास बात की।

    By Chandrashekhar Gupta Edited By: Chandrashekhar Gupta Updated: Fri, 27 Jun 2025 03:55 PM (IST)
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    नई दिल्ली। देश का लीडिंग एजुकेशन प्लेटफार्म, क्रिज़ैक का आईपीओ (Crizac IPO) 2 जुलाई से ओपन होने जा रहा है। कोचिंग और ट्यूशन से अलग यह एडटेक प्लेटफार्म स्टूडेंट्स को विदेश में पढ़ाई और एडमिशन से संबंधित जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराता है। क्रिजैक, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड समेत कई देशों में स्थित टॉप एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स और कॉलेज में एडमिशन से संबंधित जरूरी गाइडेंस स्टूडेंट्स को मुहैया कराता है।

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    क्रिज़ैक लिमिटेड ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड फिक्स कर दिया है, यह ₹233 से से ₹245/ शेयर होगा। इस पब्लिक इश्यू का साइज 860 करोड़ रुपये है और यह 4 जुलाई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। इस आईपीओ और कंपनी के बिजनेस को लेकर दैनिक जागरण बिजनेस की टीम ने मैनेजमेंट से खास बातचीत की।

    फॉरेन एजुकेशन को आसान बनाना है मकसद

    क्रिजैक के सीएमडी विकास अग्रवाल ने दैनिक जागरण को बताया कि फॉरेन यूनिवर्सिटी और टॉप कॉलेज में पढ़ना कई भारतीय छात्रों का सपना है, लेकिन अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों के कॉलेज में एडमिशन प्रोसेस उतना ही मुश्किल है। स्टूडेंट्स की इसी मुश्किल का समाधान, हम क्रिजैक के जरिए कर रहे हैं।

    विकास अग्रवाल ने कहा, झारखंड के बोकारो में पढ़ाई पूरी और करने बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने हायर स्टीज के लिए यूके जाने का फैसला किया। लेकिन, फॉरेन के कॉलेज में एडमिशन पाने के दौरान उन्हें कई मुश्किलों का अहसास हुआ।

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    ब्रिटेन से पीएचडी करने के बाद जब विकास अग्रवाल भारत लौटे तो उन्होंने एक ऐसे एडटेक प्लेटफॉर्म को शुरू करने की कल्पना की, जो फॉरेन में स्थित टॉप यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एडमिशन दिलाने में स्टूडेंट्स की मदद करे।

    30 साल की उम्र में शुरू की कंपनी

    विकास अग्रवाल ने बताया कि साल 2008 में उन्होंने इस खास कॉनसेप्ट के साथ क्रिजैक की शुरुआत की। शुरुआती 6 साल में उन्हें अपने इस एडटेक प्लेटफार्म को स्थापित करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेकिन, 2014 के बाद से कंपनी के बिजनेस में लगातार ग्रोथ देखने को मिली।

    एजुकेशन कंसलटेंसी सर्विसेज से राजस्व में ग्रोथ के चलते क्रिज़ैक का ऑपरेशन रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025 में 849.49 करोड़ रुपये हो गया।

    (डिस्क्लेमर: यहां आईपीओ को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, पब्लिक इश्यूू में पैसा लगाना बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)