नई दिल्ली, पीटीआइ। घरेलू क्रेडिट रेंटिग एजेंसी क्रिसिल (Crisil) ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ के अपने अनुमान को कम कर दिया है। क्रिसिल ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ के लिए अपने अनुमान को पहले के 11 फीसद से घटाकर 9.5 फीसद कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के कारण निजी खपत और निवेश पर पड़े प्रभाव के चलते जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में कटौती की है। क्रिसिल से पहले कई क्रेडिट एजेंसियां चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ के अपने अनुमान को कम कर चुकी हैं।

जीडीपी में कटौती करते हुए क्रिसिल के अर्थशास्त्रियों ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर द्वारा विकास के दो इंजन निजी खपत और निवेश को प्रभावित करने के कारण हमने अपने अनुमान में कटौती की है।'

इससे पहले मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस (Moody's Investors Service) ने मार्च, 2022 में समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर ( India's GDP growth) 9.3 फीसद रहने का अनुमान जताया था। वहीं, रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2023 में देश की जीडीपी ग्रोथ 7.9 फीसद रहने का अनुमान लगाया है।

बता दें कि हाल ही में सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के जीडीपी के आंकड़े जारी किये हैं। वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में देश की विकास दर 1.6 फीसद पर रही है, लेकिन पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसद का संकुचन दर्ज किया गया। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2019-20 में देश की विकास चार फीसद पर रही थी।

Edited By: Pawan Jayaswal