सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus Impact: चिकन, मीट व फिश खाने से नहीं फैलता कोरोना वायरस, अफवाह से 10 करोड़ लोगों के रोजगार पर संकट

By Pawan JayaswalEdited By:
Published: Fri, 06 Mar 2020 06:57 PM (IST)Updated: Sat, 07 Mar 2020 07:37 AM (IST)

Coronavirus Impact सरकार ने स्पष्ट किया है कि चिकन मीट व फिश खाने से कोरोना वायरस नहीं फैलता है। इस तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।

Coronavirus Impact: चिकन, मीट व फिश खाने से नहीं फैलता कोरोना वायरस, अफवाह से 10 करोड़ लोगों के रोजगार पर संकट
Coronavirus Impact: चिकन, मीट व फिश खाने से नहीं फैलता कोरोना वायरस, अफवाह से 10 करोड़ लोगों के रोजगार पर संकट

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। नॉनवेज भोजन से कोरोना वायरस के फैलने की अफवाह ने पोल्ट्री, फिश और मीट कारोबार को चौपट कर दिया है। इससे अकेले पोल्ट्री उद्योग को रोजाना 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। जबकि चिकन, मीट और मत्स्य उद्योग की सप्लाई चेन में लगे 10 करोड़ लोगों के रोजी रोजगार पर संकट के बादल छा गये हैं।

इससे चिंतित सरकार ने स्पष्ट किया है कि चिकन, मीट व फिश खाने से कोरोना वायरस नहीं फैलता है। केंद्रीय पशुपालन, पोल्ट्री और मत्स्य मंत्री गिरिराज सिंह ने इसके समर्थन में विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि नॉनवेज भोजन से कोरोना वायरस के फैलने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

केंद्रीय मंत्री सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में जोर देकर लोगों से इस तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि चिकन, अंडा, मीट, समुद्री उत्पाद और मछली खाने से कोरोना वायरस नहीं फैलता है। सिंह ने विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के साथ भारतीय खाद्य सुरक्षा नियामक (एफएसएसएआई) की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा कि पशुओं से मानव में कोरोना वायरस नहीं फैलता है, जिसकी वैज्ञानिक पुष्टि हो चुकी है।

केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और पोल्ट्री राज्यमंत्री डॉक्टर संजीव बालियान ने बताया कि सोशल मीडिया समेत अन्य माध्यमों से फैली इस तरह की अफवाह से रोजाना 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। थोक में चिकन बेचने वाले किसान को पहले के मुकाबले मात्र एक चौथाई मूल्य मिल पा रहा है। लेकिन हैरानी यह है कि खुदरा मूल्य में कोई खास गिरावट नहीं दिख रही है।

इससे बड़ी बात यह हुई जिंस बाजार में मक्का व सोयाबीन की मांग में भारी कमी आई है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इन जिंसों की मांग पोल्ट्री फीड में होती है। एक सवाल के जवाब में बालियान ने बताया कि देश में 15 करोड़ बकरे व बकरियां है, जबकि 4.7 करोड़ भेड़ की संख्या है।

अफवाह से मीट, फिश और पोल्ट्री की सप्लाई चेन टूटने लगी है, जिसमें करोड़ों लोगों को रोजी रोजगार मिला हुआ है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि सालाना 75,000 करोड़ रुपये के भैंसे के मांस और समुद्री उत्पाद का निर्यात होता है। हम इसे बढ़ाकर दोगुना करना चाहते हैं। सिंह ने कहा कि अफवाह से होने वाले नुकसान को रोकने से संबंधित पत्र सभी राज्यों को समय से भेज दिया गया था।