नई दिल्ली, प्रेट्र: जीएसटी मुनाफाखोरी से जुड़ी सभी शिकायतों की जांच एक दिसंबर से भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) करेगा। इससे पहले इस प्रकार की शिकायतों से राष्ट्रीय मुनाफाखोरी-रोधी प्राधिकरण (एनएए) निपटता था। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमाशुल्क बोर्ड ने इस बाबत एक अधिसूचना जारी की है। वर्तमान में कंपनियों द्वारा जीएसटी दर में कटौती का लाभ नहीं देने संबंधी उपभोक्ताओं की शिकायतों की जांच मुनाफाखोरी-रोधी महानिदेशालय (डीजीएपी) करता है और फिर यह अपनी रिपोर्ट एनएए को देता है। जिसके बाद एनएए इन शिकायतों पर अंतिम निर्णय लेता है।

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सीसीआइ संभालेगा एनएए कामकाज

एनएए का कार्यकाल इस महीने समाप्त होने वाला है इसलिए इसके कामकाज को एक दिसंबर से सीसीआइ संभालेगा। अब डीजीएपी अपनी सभी रिपोर्ट सीसीआइ को देगा और वो उन पर फैसला सुनाएगा। एनएए की स्थापना जीएसटी कानून की धारा 171ए के तहत नवंबर 2017 में दो साल के लिए की गई थी। बाद में इसका कार्यकाल नवंबर 2021 तक दो साल के लिए बढ़ा दिया गया। पिछले वर्ष सितंबर में एनएए का कार्यकाल और एक साल के लिए बढ़ाकर 30 नवंबर 2022 कर दिया।

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Edited By: Amit Singh

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