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ड्रैगन का अरबपतियों पर नए टैक्स का शिकंजा: विदेश में कमाओगे तो 20% लेगी चिनफिंग सरकार; 22 अक्टूबर तक खुलासा करना जरूरी

Published: Tue, 20 Oct 2026 02:50 PM (IST)

चीन ने अपने अरबपतियों द्वारा विदेशी ट्रस्टों के माध्यम से टैक्स बचाने की रणनीति पर रोक लगा दी है। अब ...और पढ़ें

चीन लगाएगा नया टैक्स (AI फोटो)

चीन लगाएगा नया टैक्स (AI फोटो)

HighLights

  1. विदेशी ट्रस्टों से कमाई पर 20% नया टैक्स

  2. अरबपतियों को 22 अक्टूबर तक टैक्स चुकाना होगा।]

  3. यह 'कॉमन प्रॉस्पेरिटी' अभियान का हिस्सा है

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। चीन के अरबपतियों के के लिए बुरी खबर है। दरअसल कई सालों तक, चीन के कई बड़े अरबपतियों ने टैक्स अधिकारियों से अपनी संपत्ति बचाने (टैक्स बचाने) के लिए एक ही रणनीति अपनाई। इसके तहत वे अपने देश में एक सफल बिजनेस खड़ा करते हैं और उसे ग्लोबल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट करा देते हैं और अपनी अरबों की संपत्ति को विदेश में रखते हैं।
मगर इस साल जुलाई में अधिकारियों ने एलान किया था कि वे अब निवासी करदाताओं (Resident Taxpayers) के लिए विदेशी ट्रस्ट्स से होने वाली कमाई पर 20% टैक्स लागू करेंगे। इसलिए अपनी कंपनी को विदेश में लिस्ट करवाकर टैक्स बचाने का यह रास्ता अब काम का नहीं रहा।

22 अक्टूबर है लास्ट डेट

चीन में जिन लोगों की ऐसी कमाई होती है, उनके पास अब 22 अक्टूबर तक का समय है कि वे बिना किसी जुर्माने के अपनी देनदारियों का हिसाब लगाएं, उसकी जानकारी दें और टैक्स का भुगतान करें। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, इस कदम से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों में दुनिया के 500 सबसे अमीर लोगों में से आठ और उनके लाभार्थी (करीबी रिश्तेदार और परिवार आदि) शामिल हो सकते हैं।
ये ऐसे बड़े कारोबारी हैं, जिन्होंने विदेशी ट्रस्टों के जरिए उन कंपनियों में हिस्सेदारी रखी है, जिनका मेन कामकाज चीन में होता है। चीनी सरकार ने सार्वजनिक तौर पर किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शुक्रवार तक ऐसे अमीरों की कुल विदेशी संपत्ति लगभग 140.2 अरब डॉलर (13.3 लाख करोड़ रुपये) है, जो कि इन व्यक्तियों या उनके परिवारों की सबसे बड़ी संपत्ति है।

ये दो अरबपति टॉप पर

इन आठ अरबपतियों ने, जिन्होंने चीन की कुछ सबसे जानी-मानी कंपनियों की शुरुआत की थी, अपने ट्रस्ट ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और केमैन आइलैंड्स जैसे 'टैक्स हेवन' (कम टैक्स वाले देशों) में बनाए हैं। इनमें विलियम डिंग शामिल हैं, जो वीडियो गेम डेवलपर 'नेटईज इंक' (NetEase Inc) चलाते हैं और जिनकी लगभग 37 अरब डॉलर की संपत्ति विदेश में है।
दूसरे नंबर पर हैं कॉलिन हुआंग, जिन्होंने ई-कॉमर्स कंपनी 'पीडीई होल्डिंग्स इंक' (PDD Holdings Inc) की शुरुआत की और उनकी 29 अरब डॉलर की संपत्ति चीन के बाहर है।

अरबों डॉलर का फायदा

इनमें से ज्यादातर विदेशी संपत्ति उन निवेशों से बनी है, जो इन कंपनियों के अमेरिका या हांगकांग में अपना आईपीओ (IPO) लाने से पहले किए गए थे। इनमें से कुछ कंपनियों, जैसे कि 'पीडीई' और 'पॉप मार्ट' (Pop Mart) की वैल्यू स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने के बाद काफी बढ़ गई है, जिससे उनके संस्थापकों को अरबों डॉलर का फायदा हुआ।

टैक्स वसूली का खास अभियान

टैक्स वसूली का यह अभियान चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के 'कॉमन प्रॉस्पेरिटी' अभियान का ही एक हिस्सा है। इस अभियान के तहत चीन की बड़ी टेक कंपनियों पर सख्ती की गई थी और बैंकरों की सैलरी में भी कटौती की गई थी। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इनमें से कुछ पाबंदियां कम हुई हैं, लेकिन रियल एस्टेट सेक्टर में लंबे समय से चल रही मंदी ने स्थानीय सरकारों की आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है।
इस वजह से वे अब रेवेन्यू के अन्य स्रोत तलाश रही हैं। इन नए नियमों से चीन सरकार के खजाने में कितना पैसा आएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

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