Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अगले वर्ष 31 जनवरी तक नहीं रूलाएंगी प्याज की ऊंची कीमतें, केंद्र सरकार ने लिया यह अहम फैसला

    घरेलू बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करने और कीमतें थामने के लिए सरकार ने प्याज आयात पर छूट 31 जनवरी तक बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने 21 अक्टूबर को प्याज आयात के कुछ प्रावधानों में छूट का एलान किया था।

    By Ankit KumarEdited By: Updated: Fri, 18 Dec 2020 07:50 AM (IST)
    Hero Image
    कृषि मंत्रालय ने कहा कि आयात प्रावधानों में छूट सशर्त होगी।

    नई दिल्ली, पीटीआइ। घरेलू बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करने और कीमतें थामने के लिए सरकार ने प्याज आयात पर छूट 31 जनवरी तक बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने 21 अक्टूबर को प्याज आयात के कुछ प्रावधानों में छूट का एलान किया था। यह छूट 15 दिसंबर तक के लिए दी गई थी। कृषि मंत्रालय ने कहा कि आयात प्रावधानों में छूट सशर्त होगी। भारत आने वाले कंसाइनमेंट को जांचा जाएगा और कीट आदि से मुक्त होने पर ही उन्हें बाजार में आने की अनुमति मिलेगी। जांच में कोई भी खामी पाए जाने पर कंसाइनमेंट वापस भेज दिया जाएगा। 

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    (यह भी पढ़ेंः EPF खाताधारकों के खाते में 31 दिसंबर से पहले आ सकता है पैसा, मिस्‍ड कॉल देकर जान सकते हैं अपना बैलेंस)

    कृषि मंत्रालय ने गुरुवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि बाजार में प्याज की ऊंची कीमतों को लेकर आम लोगों में चिंता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्याज आयात नियमों में दी गयी ढील को अब 31 जनवरी, 2021 तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। 

    मंत्रालय के मुताबिक आयात नियमों में दी गई ढील कई तरह की शर्तों पर आधारित है। इन शर्तों के तहत आयातकों से यह शपथपत्र भी लिया जाएगा कि आयातित प्याज का इस्तेमाल केवल खपत के लिए किया जाएगा। 

    निजी कारोबार के जरिए प्याज का आयात हो रहा है। नई फसल पहुंचने के साथ देश के कुछ हिस्सों में प्याज की कीमतों में कमी आनी शुरू हो गई है। उदाहरण के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्याज का भाव 40 रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे आ गया है। इससे पहले अक्टूबर में प्याज की कीमतें 65-70 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गयी थीं। इसके बाद सरकार ने आयात से जुड़े प्रावधानों में छूट की घोषणा की थी।  

    (यह भी पढ़ेंः वित्तीय समावेशन के लिए साइबर सिक्योरिटी, डेटा प्रोटेक्शन को बढ़ावा देना जरूरीः आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास)