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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

घरेलू कच्चे तेल पर सरकार ने घटाया विंडफॉल टैक्स, डीजल और एटीएफ का निर्यात भी हुआ सस्ता

By Abhinav ShalyaEdited By:
Published: Sat, 17 Sep 2022 09:11 AM (IST)Updated: Sat, 17 Sep 2022 10:22 AM (IST)

Windfall profit tax on domestic crude अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में कमी आने के बाद सरकार ने ...और पढ़ें

Central government cut windfall profit tax on domestic crude oil ATF diesel export
Central government cut windfall profit tax on domestic crude oil ATF diesel export

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन, एविएशन टरबाइन फ्यूल (Aviation Turbine Fuel - ATF) एवं डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स और निर्यात शुल्क में बड़ी कमी का ऐलान किया। यह ऐसे समय पर किया गया है, जब कच्चे तेल की कीमत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी गिरावट देखी गई है।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (Central Board of Indirect Taxes and Customs- CBIC) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन पर विंडफॉल टैक्स 13,300 रुपये प्रति टन से घटाकर 10,500 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। इसके साथ डीजल के निर्यात पर टैक्स 13.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, एटीएफ के निर्यात पर टैक्स 9 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। नई दरें 17 सितंबर से लागू कर दी गई है।

कच्चे तेल की कीमत में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में पिछले दिनों बड़ी गिरावट देखी गई है। इसके कारण सितंबर में कच्चे तेल की खरीद का औसत भाव 92.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जोकि अगस्त में 97.4 डॉलर प्रति बैरल था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगस्त के बाद ही कच्चे तेल की कीमत में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिसके कारण कच्चे तेल का भाव पर 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।

पांचवी बार किया गया बदलाव

इस साल एक जुलाई को लगाए विंडफॉल टैक्स में केंद्र सरकार ने पांचवी बार बदलाव किया है। इससे पहले 31 अगस्त को समीक्षा बैठक में घरेलू कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स 13,000 से बढ़ाकर 13,300 कर दिया गया था। इसके साथ डीजल के निर्यात पर शुल्क 7 रुपये से बढ़ाकर 13.5 रुपये कर दिया गया था। वहीं, एटीएफ के निर्यात पर शुल्क 2 रुपये से बढ़ाकर 9 रुपये कर दिया था।

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