मुंबई, बिजनेस डेस्क। पब्लिक सेक्टर के केनरा बैंक (Canara Bank) को इस साल जून तिमाही में 1,177 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। कंपनी को पिछले वर्ष की अप्रैल से जून तिमाही के दौरान 406 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इस तरह देखा जाए तो पिछले साल के अप्रैल से जून तिमाही के मुकाबले इस साल की समान तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ करीब तीन गुना हो गया। फंसे हुए कर्ज के बदले प्रोविजनिंग घटाए जाने से बैंक के शुद्ध लाभ में यह उछाल देखने को मिला है।

आय में मामूली वृद्धि

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक की कुल आय मामूली वृद्धि के साथ 21,210.06 करोड़ रुपये पर रही। बैंक को पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 20,685.91 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। बैंक को ब्याज से होने वाली आय भी 0.84 फीसद की वृद्धि के साथ 6,147 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। पिछले साल अप्रैल से जून तिमाही के दौरान बैंक को इस मद में 6,096 करोड़ रुपये की आय हुई थी।

आलोच्य तिमाही में बैंक की नॉन-इंटरेस्ट इनकम 67.47 फीसद की बढ़ोत्तरी के साथ 4,438 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल से जून तिमाही के दौरान बैंक को इस मद में 2,650 करोड़ रुपये की आय हुई थी।

एनपीए में भी सुधार

आलोच्य तिमाही में बैंक का ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेशियो 8.50 फीसद पर रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 8.84 फीसद पर रहा था। शुद्ध एनपीए भी घटकर 3.46 फीसद पर आ गया जो पिछले साल की जून तिमाही में 3.95 फीसद पर रहा था।

प्रोविजनिंग के मोर्चे पर भी सुधार

इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) भी सुधार के साथ 81.18 फीसद पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान तिमाही में 78.95 फीसद पर रहा था। आलोच्य तिमाही में बैंक की कुल प्रोविजनिंग 17.89 फीसद की वृद्धि के साथ 4,574 करोड़ रुपये पर पहुंच गई जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,880 करोड़ रुपये पर रही थी। हालांकि, फंसे हुए कर्ज के बदले प्रोविजनिंग 34.23 फीसद घटकर 2,335 करोड़ रुपये पर रह गई। बैंक ने पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में फंसे हुए कर्ज के लिए 3,550 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग किया था।

Edited By: Ankit Kumar