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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Indians Funds in Swiss banks: स्विस बैंकों में भारतीयों का धन पिछले साल 50 फीसद बढ़ा, यह 14 वर्षों के दौरान सबसे ज्‍यादा

By Krishna Bihari SinghEdited By:
Published: Fri, 17 Jun 2022 01:12 AM (IST)Updated: Fri, 17 Jun 2022 06:35 AM (IST)

स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक (एसएनबी) की तरफ से गुरुवार को वार्षिक आंकड़े जारी किए गए जिसके अनुसार स्विट्जरलैंड के बैंकों ...और पढ़ें

स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीय लोगों का धन 2021 के दौरान 50 प्रतिशत बढ़ गया है।
स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीय लोगों का धन 2021 के दौरान 50 प्रतिशत बढ़ गया है।

नई दिल्ली/ज्यूरिख, पीटीआइ। स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीय कंपनियों और लोगों का धन 2021 के दौरान 50 प्रतिशत बढ़कर 14 साल के उच्चतम स्तर 3.83 अरब स्विस फ्रैंक (30,500 करोड़ रुपये से अधिक) पर पहुंच गया है। इसमें भारत में स्विट्जरलैंड के बैंकों की शाखाओं और अन्य वित्तीय संस्थानों में जमा धन भी शामिल है। स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक (एसएनबी) की तरफ से गुरुवार को जारी वार्षिक आंकड़ों के अनुसार, प्रतिभूतियों समेत इससे जुड़े साधनों के जरिये हिस्सेदारी तथा ग्राहकों का जमा बढ़ने से स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा बढ़ा है।

ऐसे बढ़ता गया धन

इससे पहले 2020 के अंत तक स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीयों का धन 2.55 अरब स्विस फ्रैंक (20,700 करोड़ रुपये) था। आंकड़ों के अनुसार, स्विट्जरलैंड के बैंकों पर 2021 के अंत तक भारतीय ग्राहकों की कुल देनदारी 383.19 करोड़ स्विस फ्रैंक थी। इसमें से 60.20 करोड़ फ्रैंक ग्राहकों की जमा राशि के रूप में हैं। 122.5 करोड़ स्विस फ्रैंक अन्य बैंकों के जरिये रखे गए हैं और 30 लाख फ्रैंक ट्रस्ट आदि के जरिये हैं।

एसएनबी को दिए गए आंकड़े

ये आंकड़े स्विट्जरलैंड की बैंकों की ओर से एसएनबी को दिए गए हैं। ये आंकड़े स्विस बैंकों में कथित रूप से भारतीयों के काले धन को नहीं दर्शाते हैं। इसके अलावा इन आंकड़ों में वह धन भी शामिल नहीं है, जो भारतीयों, प्रवासी भारतीयों या अन्य लोगों द्वारा स्विस बैंकों में किसी तीसरे देश की इकाइयों के नाम पर जमा हो सकता है।

काला धन नहीं मानती स्विस सरकार

स्विस सरकार अपने देश के बैंकों में जमा भारतीयों के धन को 'काला धन' नहीं मानती है। स्विट्जरलैंड का कहना है कि उसने कर चोरी के खिलाफ लड़ाई में हमेशा सक्रिय रूप से भारत का समर्थन किया है। वर्ष 2018 से भारत और स्विट्जरलैंड के बीच टैक्स मामलों में जानकारी के स्वत: आदान-प्रदान की व्यवस्था लागू है। इसके अलावा प्राथमिक साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने पर स्विस सरकार उन भारतीयों के खातों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराती है, जिनके बारे में गलत काम करने का संदेह होता है।

सबसे ज्यादा पैसा ब्रिटेन का

स्विस बैंकों में ब्रिटेन के लोगों का 379 अरब फ्रैंक जमा है, जो सबसे अधिक है। इसके बाद अमेरिका के ग्राहकों का स्विस बैंकों में 168 अरब फ्रैंक जमा है। 100 अरब से अधिक जमा वाले ग्राहकों की सूची में केवल अमेरिका और ब्रिटेन शामिल हैं।

भारत 44वें नंबर पर

स्विस बैंकों में पैसा रखने वाले शीर्ष देशों की सूची में वेस्ट इंडीज, जर्मनी, फ्रांस, सिंगापुर, हांगकांग, लक्जमबर्ग, बहामास, नीदरलैंड, केमन आइलैंड और साइप्रस शामिल हैं। इस सूची में भारत 44वें नंबर पर है। भारत का स्थान पोलैंड, स्वीडन, बांग्लादेश और पकिस्तान जैसे देशों से पहले है।