यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संकट से निपटने को मंदिरों का सोना लेने की फिराक में सरकार
हैदराबाद। देश की मौजूदा आर्थिक दुश्वारियों के लिए विपक्ष समेत आम लोगों के निशाने पर चल रही मनमोहन सरकार की ...और पढ़ें

हैदराबाद। देश की मौजूदा आर्थिक दुश्वारियों के लिए विपक्ष समेत आम लोगों के निशाने पर चल रही मनमोहन सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। संकट से उबरने के लिए देश के स्वर्ण भंडार को गिरवी रखने संबंधी वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा के बयान को लेकर उसकी किरकिरी तो हो ही रही है। इस बीच भाजपा नेता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया है कि सरकार मंदिरों का सोना कब्जा करने की फिराक में है। उन्होंने चेताया कि भाजपा सरकार के किसी भी ऐसे कदम का पुरजोर विरोध करेगी। डॉ. स्वामी ने इस मसले पर अदालत तक जाने की चेतावनी दी है।
पढ़े : दिल्ली गैंगरेप: सुब्रमण्यम स्वामी ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका
डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी शनिवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे। उनका कहना था, मीडिया में इस तरह की खबरें आ रही हैं कि रिजर्व बैंक के कहने पर राष्ट्रीयकृत बैंक मंदिर ट्रस्टों को अपना अकूत स्वर्ण भंडार बैंकों में जमा कराने के लिए राजी करने का प्रयास कर रहे हैं। बकौल डॉ. स्वामी, सरकार को मंदिरों का सोना नहीं लेना चाहिए। ऐसा करना राष्ट्र विरोधी हरकत है। हम इसका विरोध करेंगे। इसको अदालत में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार विदेशी मुद्रा विनिमय संकट से उबरने के लिए अगर वास्तव में गंभीर है तो उसे विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने की कोशिश करनी चाहिए।
पढ़े : नक्सल समर्थक हैं सोनिया के करीबी : डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि सोना और कच्चा तेल के भारी आयात के चलते चालू खाते का घाटा बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से सोना की कमी खरीद करने का आग्रह किया है।
