नई दिल्ली, रायटर। देश के अरबपति निवेशक राकेश झुनझुनवाला द्वारा विमानन कंपनी शुरू करने की घोषणा से विमान निर्माता बोइंग को उबरने का नया मौका मिल सकता है। उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि भारत में अपने सबसे बड़े ग्राहक जेट एयरवेज के बंद होने के बाद इस अमेरिकी कंपनी के भारतीय कारोबार पर बेहद बुरा असर पड़ा है। शेयर बाजारों में सफल निवेश के चलते भारत के वारेन बफेट कहे जाने वाले झुनझुनवाला ने पिछले दिनों आकाशा नाम से बेहद सस्ती एयरलाइन सेवा शुरू करने की घोषणा की है।

इसके लिए वह देश की सबसे बड़ी निजी विमानन कंपनी इंडिगो और जेट एयरवेज के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ एक टीम गठित करने की प्रक्रिया में हैं। झुनझुनवाला ने विमानन कंपनी की घोषणा ऐसे समय में की है जब सेक्टर की कंपनियों को कोरोना संकट के चलते अरबों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि सेक्टर के भविष्य को देखते हुए अमेरिकी कंपनी बोइंग और नीदरलैंड्स स्थित एयरबस दोनों के लिए भारतीय बाजार बेहद मुफीद साबित हो सकता है।

एयरलाइंस और विमान लीज पर देने वालों को सलाह देने वाली सरीन एंड कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर नितिन सरीन का कहना था कि नई घोषणा से बोइंग और एयरबस में जबर्दस्त स्पर्धा दिखने वाली है। भारत में बोइंग के लिए स्पाइसजेट को छोड़कर कोई बड़ा ग्राहक नहीं है। ऐसे में वह झुनझुनवाला की कंपनी के माध्यम से बाजार पर दोबारा पैठ बनाने की कोशिश करेगी।

एक अन्य सूत्र ने कहा कि आकाशा बोइंग 737 विमानों की खरीद व लीजिंग की ओर कदम बढ़ा चुकी दिख रही है। यह बोइंग के लिए अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा लीजिंग या खरीद सौदा हो सकता है। हालांकि इस कंपनी या विमान खरीदने के उसके आर्डर के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन ब्लूमबर्ग को पिछले दिनों दिए साक्षात्कार में झुनझुनवाला ने कहा था कि वह आकाशा में 40 फीसद हिस्सेदारी रखेंगे। इस कंपनी के पास अगले चार वर्षो में 180 सीट क्षमता वाले 70 विमान होंगे।