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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कर्ज लौटाने को नहीं मिलेंगे ज्यादा अवसर: अरुण जेटली

By Praveen DwivediEdited By:
Published: Sat, 05 Nov 2016 10:01 PM (IST)Updated: Sat, 05 Nov 2016 10:03 PM (IST)

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कर्ज वसूली मामले में तेज निपटान पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बैंकों ...और पढ़ें

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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कर्ज वसूली मामले में तेज निपटान पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बैंकों का कर्ज तय समय पर नहीं लौटाने वालों को बचाव के सिद्धांत के तहत असीमित अवसर नहीं दिए जा सकते हैं।

जेटली ने कहा, ‘यह सामान्य न्यायिक अथवा अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया नहीं है, जिसमें लोगों को बचाव के लिए असीमित अवसर दिए जाते हैं, क्योंकि स्वाभाविक न्याय प्रक्रिया को अस्वाभाविक तरीके से लंबा खींचा जाएगा तो विवाद कभी समाप्त नहीं होंगे। इसलिये जहां तक कर्ज नहीं लौटाने के मामले हैं उनमें वसूली प्रक्रिया को और बेहतर और सक्षम बनाना होगा।’

देशभर में कर्ज वसूली के हजारों मामले लंबित:

आपको बता दें कि देशभर में विभिन्न कर्ज वसूली न्यायाधिकरणों में पांच लाख करोड़ रुपए से अधिक राशि के करीब 95,000 मामले लंबित हैं। जेटली ने कर्ज वसूली पर आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, ‘इसलिए हर ऐसे मामले में जहां संबंधित पक्ष मामले को लंबा खींचने में कामयाब रहता है देश के निवेश परिवेश को नुकसान पहुंचाता है। बैंकों का पैसा यदि इस तरह डिफाल्टरों के पास फंसा रहेगा तो बैंक दूसरों को कर्ज नहीं दे पाएंगे। दूसरे लोग इस धन को उत्पादक कार्यों में इस्तेमाल कर सकते थे, जिसका देश को फायदा मिलता।'