नई दिल्ली, पीटीआइ। घरेलू स्तर पर इस सप्ताह कोई प्रमुख डेटा नहीं आने वाला है। ऐसे में अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दर से जुड़े फैसले और अन्य वैश्विक रुख के आधार पर इस सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों की दिशा तय होगी। प्रमुख इक्विटी बेंचमार्क ने शुक्रवार को नए रिकॉर्ड उच्च स्तर को छू लिया था। विश्लेषकों ने कहा कि सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों और टेलीकॉम, बैंकिंग एवं ऑटोमोबाइल सेक्टर्स में सुधार को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से बाजार की धारणा को मजबूती देने में मदद मिली है।

स्वास्तिका इंवेस्टमार्ट लिमिटेड में प्रमुख (शोध) संतोष मीणा ने कहा कि ''हाल में आई जबरदस्त तेजी के बाद ये सप्ताह भारतीय बाजार के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है क्योंकि वैश्विक बाजारों में थोड़ा कमजोर रुख देखने को मिल रहा है। FOMC की 21-22 सितंबर को होने वाली बैठक भी अहम साबित होगी।''

उन्होंने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अलावा बैंक ऑफ जापान भी 22 सितंबर को अपनी मौद्रिक नीति पेश करेगा।

मीणा ने कहा डॉलर इंडेक्स की मुवमेंट और यूएस बॉन्ड यील्ड भी भारत जैसे उभरते हुए बाजारों के उतार-चढ़ाव में अहम भूमिका निभाएंगे।

मीणा ने कहा, ''हम जबरदस्त तेजी वाले बुल मार्केट में हैं और मेरा मानना है कि यह अगले दो-तीन साल तक जारी रह सकता है लेकिन लंबे वक्त के बाद मैं थोड़ा सतर्क हो गया हूं क्योंकि कुछ ऐसे संकेत हैं, जो इस बात के संकेत दे रहे हैं कि कम अवधि में होने वाला करेक्शन आने वाला है।''

पिछले सप्ताह 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 710 अंक यानी 1.21 फीसद का उछाल दर्ज किया गया। सेंसेक्स ने गुरुवार को पहली बार 59,000 अंक के स्तर को छू लिया।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के प्रमुख (रिटेल रिसर्च) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ''अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पूर्व इस सप्ताह बाजार में नर्वसनेस देखने को मिल सकता है।''

Edited By: Ankit Kumar