नई दिल्ली, पीटीआइ। E-Commerce कंपनियों को ऑरेंज और ग्रीन जोन में गैर-जरूरी सामानों की बिक्री की भी अनुमति दिए जाने से लोगों को राहत मिलेगी और लॉकडाउन के बीच छोटे एवं मझोले उद्योगों एवं कारोबारियों को अपना बिजनेस फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी। देश के प्रमुख E-Commerce कंपनियों के अधिकारियों ने यह बात कही है। वहीं, खुदरा कारोबारियों के संगठन CAIT का कहना है कि E-Commerce कंपनियां गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों की गलत व्याख्या कर रही हैं और विभिन्न राज्य सरकारों और अधिकारियों को गुमराह करने के लिए गाइडलाइंस को अपने पक्ष में तोड़-मरोड़कर पेश कर रही हैं। CAIT के मुताबिक इससे बिना मतलब के भ्रम की स्थिति पैदा होगी।  

सरकार ने लॉकडाउन को 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके साथ ही हवाई यात्रा, ट्रेनों के परिचालन और अंतरराज्यीय सड़क परिवहन पर प्रतिबंध जारी रहेगा। हालांकि, सरकार ने ग्रीन और ऑरेंज जोन में लॉकडाउन में कई तरह की छूट का एलान किया है। हालिया नियमों के मुताबिक लॉकडाउन के तीसरे चरण में E-Commerce कंपनियों को रेड जोन वाले इलाकों में  केवल जरूरी सामान की डिलिवरी की अनुमति होगी। 

Amazon India के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ऑरेंज और ग्रीन जोन में E-Commerce कंपनियों को गैर-जरूरी सामान की डिलिवरी की अनुमति देने के फैसले का स्वागत करती है। कंपनी ने कहा है कि इस सरकार के इस फैसले से छोटे एवं मझोले कारोबारियों को अपने कारोबार शुरू करने में मदद मिलेगी। प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी रेड जोन को लेकर जारी नए दिशा-निर्देशों का पालन करेगी। 

हालांकि, कारोबारियों के संगठन CAIT की दलील है कि E-Commerce कंपनियां गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों की गलत व्याख्या कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि E-Commerce कंपनियों को रेड जोन में केवल जरूरी सामान की डिलिवरी की अनुमति होगी लेकिन यह कहीं भी नहीं लिखा हुआ है कि E-Commerce कंपनियों को ग्रीन और ऑरेंज जोन में गैर-जरूरी सामान की डिलिवरी की भी अनुमति होगी।

Posted By: Ankit Kumar

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